उपलब्धि के रूप में प्रमाणित होना ही उत्पादन-कार्य, उत्पादन-कार्य समितियों के सफलता का मूल्यांकन है। यह परिवार सभा से विश्व परिवार सभा पर्यन्त हर स्तरीय परिवार सभाओं में उत्पादन-कार्य एक निश्चित आयाम, उसके लिये सटीक व्यवस्था वांछनीय रहता ही है। इसी क्रम में विश्व परिवार सभा में भी आवश्यकता से अधिक उत्पादन का प्रमाण होना जिसमें सभी प्रधान राज्य सभा का भागीदारी निर्वाचन पूर्वक सम्पन्न हुआ रहता है। वह अपने में अर्थात् सम्पूर्ण प्रधान राज्य सभा में और विश्व राज्य सभा में आवश्यकता से अधिक उत्पादन का प्रमाण उत्पादित वस्तुओं का राशि (समूह, ढेर) के रूप में होना विश्व समृद्धि का द्योतक होना स्वाभाविक है। इसी प्रकार प्रधान राज्य परिवार सभा, मुख्य राज्य परिवार सभा, मण्डल समूह परिवार सभा, मण्डल परिवार सभा, क्षेत्र परिवार सभा, ग्राम समूह परिवार सभा, ग्राम परिवार सभा, परिवार समूह सभा और परिवार सभा इनमें सभी स्तरों में समृद्धि का अनुभव होना ही अर्थात् सामान्य आकांक्षा, महत्वाकांक्षा सम्बन्धी वस्तुओं का समृद्ध रहना ही उत्पादन-कार्य और उत्पादन-कार्य समितियों के सफलता का प्रमाण है। इसका मूल्यांकन समितियों में भागीदारी करने वाले मिलकर करेंगे और समितियों के हर व्यक्ति अपने-अपने विधि से मूल्यांकन करेंगे और सभा में भागीदारी करता हुआ सभी सदस्यों के ग्राम परिवार सभा से विश्व परिवार सभा तक हर सभा का मूल्यांकन करेंगे। इसमें भी उभयतृप्ति बनी ही रहती है। इस प्रकार उत्पादन-कार्य और समितियों के मूल्यांकन में उभय तृप्ति का स्वरूप सहअस्तित्व सहज विधि से प्रमाणित होता है।
विनिमय-कोष का मूल्यांकन :- विनिमय-कोष अपने परिभाषा के स्वरूप में विनिमय कार्य सम्पन्न करता हुआ और विनिमय के लिए आवश्यकीय सभी वस्तुओं को विशेषतः सामान्य आकांक्षा संबंधी सभी वस्तुओं को श्रम मूल्य के आधार पर आदान-प्रदान करता हुआ एक क्रियाकलाप है। इसमें हर स्तरीय कोषों में उन-उन स्तरीय आवश्यकता के अनुरूप वस्तुएँ उपलब्ध रहता ही है। उन-उन स्तरों में यह समितियाँ लाभ-हानि मुक्त विधि से विनिमय करता है। इसका उपयोग, सदुपयोग, प्रयोजनशील रूप प्रदान करना हर परिवार का ही कार्यकलाप होना देखा गया है। इस मुद्दे पर अर्थात् उपयोग, सदुपयोग, प्रयोजनशीलता सहज क्रियाकलापों को पहले स्पष्ट किया जा चुका है।
विनिमय-कोष लाभ-हानि मुक्त श्रम मूल्यों का मूल्यांकन विधि से विनिमय कार्य को सम्पादित करता है, इसलिये विनिमय-कोष के स्वत्व में कोई संग्रह, किसी भी प्रकार का संग्रह देखने को नहीं मिलता है क्योंकि अस्तित्व में संग्रह का साक्ष्य नहीं है। अस्तित्व में पूरकता का गवाही है,