• गोबर खाद व कम्पोस्ट खाद के लिए व्यापक व्यवस्था करना।
  • सौर ऊर्जा का सर्वाधिक प्रयोग करने की प्रणाली विकसित करना ताकि उसका उपयोग, पानी पंप करने, खाना पकाने, वाष्पीकरण, अनाज सुखाने, ठंडा या गर्म करने में किया जा सके, जिससे लकड़ी, कोयला आदि परंपरागत ईंधनों को जलाने से रोका जा सके। इसी संदर्भ में पवन चक्की व जल प्रवाह शक्ति की उपयोगिता की संभावना का पता लगाना व यदि संभव हुआ तो क्रियान्वयन करना।
  • प्रत्येक घर के साथ शौचालय व सामूहिक शौचालय की व्यवस्था करना।
  • सड़क मार्ग, रेल, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना व निकट की मंडियों व बाजारों की सड़कों से जोड़ना।
  • दूरभाष व दूरसंचार सेवा, डाक घर, बैंक आदि की व्यवस्था करना।
  • ग्राम के लिए पाठशाला, चिकित्सा केन्द्र, विनिमय-कोष के लिए भवन, गोदाम, बहुउद्देशीय भवन की व्यवस्था करना जो न्याय सभा, संबोधन सभा, सांस्कृतिक सभा, विवाह व मिलन सभा, प्रार्थना सभा, स्वागत सभा व छाया के अंदर खेलने के लिए उपयोगी रहेगा।

परिवार समूह व परिवार प्रतिनिधि के कर्तव्य एवं दायित्व :-

  • परिवार प्रतिनिधि, सदस्यों के साथ व्यवहार, आचरण, स्वास्थ्य, उत्पादन व उत्पादन संबंधी साधनों के संदर्भ में स्वयं प्रमाणिक रहते हुए, उनके अनुरूप सभी सदस्यों को होने के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने रहेंगे।
  • परिवार प्रतिनिधि, परिवार के अन्य सदस्यों का मूल्यांकन करेंगे। परिवार प्रतिनिधि का मूल्यांकन, परिवार समूह सभा करेगा। आचरण के लिए मूल्यांकन का आधार स्वधन, स्वनारी/स्वपुरूष व दया पूर्ण कार्य रहेगा।

व्यवहार के मूल्यांकन का आधार मानव व नैसर्गिक संबंधों व उनमें निहित मूल्यों की पहचान व निर्वाह से है। साथ ही तन, मन, धन रूपी अर्थ के सदुपयोग, सुरक्षा के आधार पर नैतिकता का मूल्यांकन किया जायेगा।

परिवार में किसी से गलती होने की स्थिति में सुधारने का कर्तव्य, परिवार के सभी सदस्यों का होगा। इसमें परिवार प्रतिनिधि उभय पक्षीय प्रेरक का कार्य करेगा।

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