न्याय सुरक्षा संबंधी आंकलन :-
- ग्राम का प्रत्येक व्यक्ति अपनी योग्यता और पात्रता के अनुसार उत्पादन करता है या उत्पादन में भागीदार है या नहीं? के रूप में उत्पादन न्याय का आंकलन।
- उत्पादित वस्तुओं का शोषण विहीन पद्धति से कहाँ तक विनिमय, आदान-प्रदान हो रहा है - के रूप में विनिमय न्याय का आंकलन।
- स्वधन, स्वपुरूष/स्वनारी, दया पूर्ण कार्यों और तन, मन, धन रूपी अर्थ के सदुपयोग के आधार पर, आचरण-न्याय का आंकलन।
- संबंधों के साथ विश्वास निर्वाह के रूप में, व्यवहार-न्याय का आंकलन।
- वर्तमान में कितने अपराध और अपराधी हैं? कितने अपराध जमीन जायदाद संबंधी है? नारी-पुरूष संबंधों से संबंधित अपराध कितने दर्ज हैं? ऐसे दर्ज अपराधों की संख्या कितनी है जिनका निर्णय होना शेष है?
- वर्तमान न्याय व्यवस्था के प्रति मानसिकता कैसी है?
- गाँव सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का आंकलन व वर्तमान में सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
स्वराज्य सभा
ग्राम का प्रत्येक परिवार दस (10) व्यक्तियों के स्वरूप में होगा। परिवार का प्रत्येक सदस्य मिलकर परिवार सभा का गठन करेंगे। परिवार सभा के सब सदस्य मिलकर एक ऐसे व्यक्ति को प्रतिनिधि के रूप में चुनकर परिवार समूह सभा के लिए निर्वाचित करेंगे जो समाधान सहित परिवार में समृद्धि पूर्वक जीते हों।
इस प्रकार 10 परिवारों के प्रधानों से मिलकर एक “परिवार समूह सभा” का गठन किया जायेगा। ऐसे प्रत्येक 10 “परिवार समूह सभा” से एक व्यक्ति को, ग्राम सभा के लिए निर्वाचित करेगा। इसी प्रकार 10 परिवार समूहों से निर्वाचित 10 सदस्य, ग्राम सभा का गठन करेंगे, जिसमें से एक ग्राम सभा का प्रधान होगा। सामान्यतः सौ परिवार मिलकर एक “ग्राम स्वराज्य सभा” का गठन करेंगे जिसमें 10 निर्वाचित सदस्य होंगे। यदि किसी ग्राम में 100 (एक सौ) परिवार से ज्यादा जनसंख्या है तो उसी 10 के गुणांक में उस ग्राम सभा के सदस्य होंगे। उदाहरण के लिए यदि गाँव की जनसंख्या 2000 (दो हजार) है तो उस “ग्राम सभा” में 20 सदस्य होंगे।