विनिमय में सुरक्षा :-
- श्रम मूल्यों को पहचानने की दिशा में “सुरक्षा समिति” निरंतर सजग रहेगी। एक श्रम मूल्य का आकलन जो कुछ भी ग्राम स्वराज्य स्थापना दिवस में प्रमाणित रहेगा, उसकी गति के प्रति सतर्क रहेगा। निपुणता, कुशलता, कार्य गति, समय व साधन के कुल संयोग से श्रम का मूल्यांकन होगा। इसी प्रकार प्रत्येक वस्तु के संबंध में उत्पादन गति में वृद्धि करे, श्रम मूल्य में कमी और विनिमय में उसकी समृद्धि के अर्थ को सार्थक बनाने का कार्य समिति करेगी।
- लाभ-हानि के संबंध में सतर्क रहना। (अनावश्यक लाभ और असहनीय हानि न होने के लिए सतर्क होना) उसके लिए सभी व्यवस्था प्रदान करना।
- वस्तु की उत्पादकता के आधार पर मूल्यांकन करने में सतर्क रहना व कार्यरूप देना।
- सभी विनिमय की संभावना को बनाए रखने में सतर्क रहना व प्रोत्साहित करना।
परिवार सुरक्षा :-
- प्रत्येक परिवार की महिमा और गरिमा को ग्राम से बाह्य वातावरण से दूषित होने से बचाना। प्रचार तंत्र द्वारा भ्रमित करने वाली सभी पक्षों से सम्पूर्ण परिवार को सतर्क करते हुए संरक्षित करना।
- साहित्य और कला को परिवार राज्य और ग्राम स्वराज्य के अर्थ में प्रदर्शन कार्य के लिए प्रोत्साहन पूर्वक प्रवृत्त करना।
- परिवार गत अंतर्विरोध की संभावनाओं को दूर करने के रूप में परिवारों को सुरक्षा प्रदान करना।
- किसी एक परिवार की श्रेष्ठता को सभी परिवारों में, सुलभ करने के रूप में परिवार को सुरक्षा प्रदान करना।
- किसी परिवार के साथ आकस्मिक दुर्घटना, प्राकृतिक प्रकोप से, असाध्य रोग से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में, उनसे सान्त्वना व सहायता प्रदान करने के रूप में परिवार की सुरक्षा।
शिक्षा संस्कार सुरक्षा :-
- न्याय सुरक्षा समिति यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक ग्रामवासी को मानवीय शिक्षा (व्यवहार शिक्षा व व्यवसाय शिक्षा) ठीक से मिल रही है या नहीं। जो स्कूल छोड़ दिए हैं, स्कूल में नहीं आते हैं, उनके लिए उनके परिवार वालों से मिल जुलकर, शिक्षा संस्कार को सुलभ कराएगी।
मानवीय शिक्षा में कहीं से भी व्यतिरेक उत्पन्न होता है तो उसको दूर करने की व्यवस्था करेगी।