• प्रत्येक व्यक्ति व परिवार से किया गया तन, मन व धन रूपी अर्थ की सदुपयोगिता का एवं सुरक्षा का मूल्यांकन।
  • मानव स्वयं व्यवस्था के रूप में संप्रेषित, अभिव्यक्त, प्रकाशित होने व समग्र व्यवस्था में भागीदार होने व उसकी संभावना का मूल्यांकन।
  • किसी व्यक्ति में बुरी आदत हो तो उसके, उससे (बुरी आदत से) मुक्त होने के आधार पर मूल्यांकन।

न्याय-सुरक्षा समिति का मूल्यांकन :-

“न्याय-सुरक्षा समिति” का मूल्यांकन निम्न आधारों पर होगा :-

  • आचरण में न्याय सुलभता का मूल्यांकन।
  • व्यवहार में न्याय सुलभता का मूल्यांकन।
  • उत्पादन में न्याय सुलभता का मूल्यांकन।
  • विनिमय में न्याय सुलभता का मूल्यांकन।
  • तन, मन, धन, रूपी अर्थ की सुरक्षा का मूल्यांकन।
  • ग्राम व प्राकृतिक वातावरण की सुरक्षा का मूल्यांकन।
  • उत्पादन एवं विनिमय सुरक्षा का मूल्यांकन।
  • परिवार सुरक्षा का मूल्यांकन।
  • शिक्षा संस्कार सुरक्षा का मूल्यांकन।
  • स्वास्थ्य संयम सुरक्षा का मूल्यांकन।
  • नैसर्गिक सुरक्षा का मूल्यांकन।

स्वास्थ्य-संयम सुरक्षा समिति के कार्यों का मूल्यांकन :-

  • व्यक्तियों में स्वास्थ्य के प्रति जागृति का मूल्यांकन शारिरिक व मानसिक संतुलन के आधार पर।
  • व्यक्ति, घर, ग्राम, गली, मोहल्लों, को स्वच्छ बनाए रखने का मूल्यांकन।
  • सीमित व संतुलित परिवार के आधार पर मूल्यांकन।
  • रोग निरोधी टीकों के प्रति जागरूकता के आधार पर मूल्यांकन।

योगासन, व्यायाम, खेल के प्रति जागरूकता के आधार पर मूल्यांकन।

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