- रोगी को शीघ्र चिकित्सा उपलब्ध कराने का मूल्यांकन।
- घरेलू चिकित्सा के प्रति जागरूकता का मूल्यांकन।
- स्थानीय जड़ी-बूटियों के संरक्षण, संवर्धन व उनके प्रति जागरूकता का मूल्यांकन।
भूमि: स्वर्गताम् यातु, मनुष्यो यातु देवताम्।
धर्मो सफलताम् यातु, नित्यम् यातु शुभोदयम् ॥