9 – अस्तित्व

सत्ता में संपृक्त प्रकृति के रूप में है। यह मध्यस्थ दर्शन सहअस्तित्ववाद में स्पष्ट किया गया है। परस्परता के मध्य में खाली स्थली दिखायी पड़ती है यही सत्ता है। हर परस्परता के बीच यही वस्तु दिखती है, समझ में आती है।

सत्ता पारगामी है पारदर्शी है। इकाइयाँ अपनी परस्परता में एक दूसरे को पहचानते हैं यही पारदर्शिता का अर्थ है। सत्ता सभी वस्तु में आर पार रहता है। इसका प्रमाण सत्ता में संपृक्त प्रत्येक एक-एक ऊर्जा सम्पन्न रहना, क्रियाशीलता के आधार पर स्पष्ट होती है। 

धरती क्रियाशील है ऊर्जासम्पन्न है। 

परमाणु क्रियाशील है ऊर्जासम्पन्न है।  

मानव क्रियाशील है ऊर्जावान है। 

सम्पूर्ण जीव व वनस्पति संसार क्रियाशील है व ऊर्जासम्पन्न है। 

इसी प्रकार धरती सौरव्यूह भी व अस्तित्व ऊर्जासम्पन्न होना समझ में आता है। 

अस्तित्व में सम्पूर्ण क्रिया भौतिक रासायनिक व जीवन क्रिया के रूप में है। भौतिक क्रिया के रूप में परमाणु ही ठोस विरल के रूप में विद्यमान है। रसायन संसार ठोस तरल विरल के रूप में प्रस्तुत है। जीवन क्रिया जीव संसार में वंशानुषंगी विधि से कार्य करता है। जबकि ज्ञानावास्था में मानव में कल्पनाशीलता कर्मस्वतन्त्रता सहित अनुभवमूलक विधि से जागृति को प्रमाणित करता है। 

संज्ञानशीलता में संवेदनशीलता नियन्त्रित रहते है। मानव जब समझदार होते हैं अर्थात् जीवन ज्ञान, अस्तित्व दर्शन ज्ञान, मानवीयतापूर्ण आचरण ज्ञान से सम्पन्न होते हैं तो संवेदनाएं नियंत्रित होती हैं। नियंत्रित मतलब व्यवस्था में जीना। व्यवस्था में भागीदारीपूर्वक आचरण करना। यही मुख्य बात है। 

इस प्रकार चारों अवस्थाओं को अध्ययनपूर्वक चित्त में साक्षात्कार कर लेना, बुद्धि में अध्ययन बोध होना फलस्वरूप अनुभव व प्रमाण से पुन: अनुभव बोध होना संकल्पित होना और चिन्तन होना (अनुभव बोध का)। ऐसे बोध का चिंतन चित्रण तुलन विश्लेषण आस्वादन व चयन क्रियाएं सम्पादित होते हैं। इसे हर मानव अपने में परीक्षण निरीक्षणपूर्वक पहचान सकता है। अनुभव प्रमाणित कर सकता है। सहअस्तित्व रूपी अस्तित्व दर्शन का अर्थ यही है। 

क्रियाशीलता ही श्रम गति परिणाम के रूप में व्याख्यायित है। फलस्वरूप (परमाणु में) विकास क्रम सहअस्तित्व में प्रमाणित है। विकास क्रम रासायनिक भौतिक वस्तुओं के रूप में स्पष्ट है। रासायनिक-भौतिक रचना का विकसित रूप मनुष्य है क्योंकि कल्पनाशीलता कर्मस्वतंत्रता मानव में ही प्रमाणित हुई है। 

विकास क्रम में संपूर्ण परमाणु भौतिक रासायनिक क्रिया में भागीदारी करते हैं।  

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