8. मानवीय संस्कृति सभ्यता विधि एवं व्यवस्था के सामरस्यता के लिए व्यावहारिक संस्कार का अर्थ क्या होना चाहिए?
नाम संस्कार - समुदाय के या पहचान के अर्थ में
नीति संस्कार -वर्ग के अर्थ में या मानव जाति के अर्थ में
दीक्षा संस्कार -संप्रदाय के अर्थ में या जीवन वैभव, मूल्य एवं सार्वभौमता के अर्थ में
व्यवहार (कर्म) संस्कार - व्यक्तिवादी चेतना के अर्थ में या मानवीयता के अर्थ में
शिक्षा संस्कार -व्यवसाय के अर्थ में या व्यवहार, व्यवसाय समप्रभुता एवं प्रभुसत्ता के अर्थ में “मानव संस्कारपूर्वक ही अभ्युदय शील है”
9. मानव के विकास के आंकलन का प्रत्यक्ष आधार क्या होना चाहिए?
रूप को नैतिकता या नस्ल के आधार पर
बल को दया या बल विध्वंस के आधार पर
धन को उदारता या संग्रह एवं शोषण के आधार पर
पद को न्याय या वर्ग संघर्ष के आधार पर
बुद्धि को विवेक और विज्ञान या कूटनीति के आधार पर