उत्तर: धरती की मूल चेष्टा कहो तो भी कोई बुरा नहीं है सम्मिलित चेष्टा कहोगे तो भी कोई तकलीफ नहीं है।

 

जिज्ञासा: प्रश्न था कि केवल परमाणु में है या हर इकाई में है? 

उत्तर: परमाणु ही सम्मिलित रूप में काम करता है। 

जिज्ञासा: विकिरण, रश्मि और प्रकाश? 

उत्तर: विकिरण एक अलग चीज़ है, रश्मि अलग चीज़ है। रश्मि किसी प्रतिबिम्बन का अणुबिंब-प्रत्यानुबिंब है। विकिरण प्रभाव है। प्रभाव क्या है? भौतिक वस्तुएं अपने गुणात्मक परिवर्तन में, मात्रात्मक परिवर्तन में विकिरणीयता की आवश्यकता है, वो प्रभाव डाला ही रहता है जिसका ब्रह्मांडीय किरण नाम है। इसको लगाना नहीं पड़ता लगा ही रहता है। अभी धरती और धरती के वायुमंडल की परस्परता में जो दबाव बना के रखता है, इसमें विकिरणीयता एक बहुत बड़ी भारी प्रशंसनीय काम है। उसके बाद धरती में एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक एक चुम्बकीय धारा रहती है, उसको निरंतर संतुलित बनाए रखने में विकिरणीयता एक अद्भुत काम है। ब्रह्मांडीय किरण, दक्षिणी ध्रुव और उत्तरी ध्रुव के बीच में जो magnetic pole है उसको संतुलित बनाए रखने में ब्रह्मांडीय किरण अद्भुत काम है। तीसरा यौगिक क्रिया के समय में ब्रह्मांडीय किरण अद्भुत काम करता है। इस ढंग से बहुत सारी जगह में ब्रह्मांडीय किरणों का अपना काम है उसका नाम है विकिरण। 

किरण, रश्मि, प्रकाश ये क्या है पूछा जाए- हर बिम्ब का प्रतिबिंबित रहता है, पहला सिद्धांत। सभी और प्रतिबिंबित रहता है। अनंत कोणो में प्रतिबिंबित रहता है। हर प्रतिबिम्ब किसी न किसी अपारदर्शी वस्तु के ऊपर रहता है। हर प्रतिबिम्ब किसी अपारदर्शी वस्तु के ऊपर ही रुकता है। इस रुकने के क्रम में क्या होता है-जैसा सूर्य का बिम्ब, सूर्य के बिम्ब का प्रतिबिम्ब हर एक परमाणु के ऊपर रहता है, उसका अनुबिम्ब बहु आयाम में फ़ैल जाती है, प्रत्यानुबिम्ब और आयामों में फ़ैल जाता है। इस प्रकार से सभी और चमक पैदा करता है। सूर्य का चमक सभी परमाणुओं पर इसी विधि से दौड़ता है। सभी परमाणु चमकने लगते हैं उसको आप प्रकाश कहते है। इसके पहले क्या था जो-जो प्रतिबिम्ब आया उसका नाम है किरण। इसके बाद अनुबिंब प्रत्यानुबिम्ब में परिवर्तित हुआ इसका नाम है रश्मि। वो रश्मि के बाद प्रकाश, ऐसा बना हुआ है। तीसरे stage में प्रकाश। अभी यहाँ जो हो रहा है यह भी ऐसा ही है। पहले प्रतिबिम्ब अणुओं के ऊपर, उसके बाद उसका अनुबिम्ब, प्रत्यानुबिम्ब विधि से ये सब चमक रहा है। विधि ही ऐसा है। ये जो दिख रहा है इसमें पहले किरण, किरण के बाद रश्मि, रश्मि के बाद प्रकाश। सब जगह में ऐसा दिखता है। इसको अच्छी तरह से समझने की ज़रुरत है। 

जिज्ञासा: क्या किरण travel करता है? 

उत्तर: प्रतिबिम्ब को किरण कहा, travel क्या करेगा? प्रतिबिम्ब तो रहता ही है। इनमे कोई भी चीज़ न तो lose होता है न gain होता है। हमारा प्रतिबिम्ब आप को देखने को मिलता है इससे हमसे टूट कर कोई चीज़ loss होता

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