उत्तर: वही “विकल्प” ही रखा जाए। विकल्प को change नहीं किया जाए। अभी विकल्प के बारे में बताया जाए किस-किस बात के विकल्प, उसको पहले float किया जाए। उसके पहले हम बताया हम किस घर परिवार कुलशील के हैं, हमारा परिवार कितना कट्टरपंथी रही, कितना उदारपंथी रही, कितना ज्ञान पंथी रही, कितना विज्ञान पंथी रही सारी बात को एक बार place किया जाए संक्षेप रूप में।
उसके बाद जैसे ही दूसरी स्थिति आती है, उसमें अपने को यहीं जाना है, कि हर समझदार परिवार, समाधान समृद्धि सम्पन्न होता है, इसका चित्रांकन होना चाहिए। उसका चित्रांकन अमरकण्टक में ही होगी। इसका चित्रांकन होता है उसके बाद दूसरी स्थिति आती है तो गाँव, धरती के पास जाते हैं उसमें अखंड समाज, सार्वभौम व्यवस्था की सम्भावनाओं को हम प्रस्तुत कर सकते हैं। अभी सार्वभौम व्यवस्था थोड़े ही प्रमाणित हुआ है, अभी एक परिवार में समाधान समृद्धि को हम चित्रांकन कर सकते हैं। आपके पास वो source है।