8.6 कार्यशैली :-
प्रत्येक ग्राम सभा, “ग्राम स्वराज्य व्यवस्था” को स्थापित करने के लिए निम्न 5 समितियों का गठन ग्राम सभा से मनोनीत सदस्य करेंगे :-
- 1) मानवीय शिक्षा संस्कार समिति
- 2) उत्पादन कार्य व सलाहकार समिति
- 3) वस्तु विनिमय कोष समिति
- 4) स्वास्थ्य संयम समिति
- 5) मानवीय न्याय सुरक्षा समिति
उपर्युक्त समितियां ग्राम सभा के मार्ग दर्शन के आधार पर कार्य करेंगी। उपरोक्त समितियां क्रम से ग्राम में शिक्षा संस्कार व्यवस्था, उत्पादन कार्य व्यवस्था, विनिमय कोष व्यवस्था, स्वास्थ्य संयम व्यवस्था व न्याय सुरक्षा व्यवस्था को सर्व सुलभ करेगी। उपरोक्त समिति के सदस्यों का मनोनयन ग्राम सभा करेगी। प्रत्येक मनोनीत सदस्य इन समितियों के लिए अंश कालिक सदस्य होगा एवं वह अपनी समिति का कर्तव्य एवं दायित्वों का निर्वाह अपने निजी व्यवसाय के अलावा करेगा। वयोवृद्ध स्त्री व पुरुष, जो जीवन विद्या व वस्तु विद्या में पारंगत होंगे, उनको समितियों के अंश कालिक व पूर्ण कालिक सदस्य होने का अवसर रहेगा। प्रत्येक समिति का विस्तृत कार्यक्रम अगले खंडों में विस्तार से दिया गया है। ग्राम स्वराज्य व्यवस्था के लक्ष्य निम्न होंगे :-
- 1. गाँव के प्रत्येक नर-नारी को मानवीय शिक्षा-संस्कार से संपन्न करना।
- 2. प्रत्येक नर-नारी को तकनीकी में निपुणता-कुशलता को सजह सुलभ करना।
- 3. प्रत्येक नर-नारी को व्यवहार में सामाजिक होने के लिए ज्ञान, विवेक, विज्ञान सहज शिक्षा संस्कार सर्व सुलभ करना जिससे न्याय सुरक्षा प्रमाणित हो।
- 4. प्रत्येक नर-नारी को किसी न किसी उत्पादन कार्य में प्रवृत्त प्रोत्साहित करना।
- 5. उत्पादित वस्तुओं को विनिमय-कोष द्वारा लाभ-हानि मुक्त पद्धति से लेन-देन करने की व्यवस्था प्रदान करना और ग्रामवासियों के लिए आवश्यकीय वस्तुओं को उपलब्ध कराना विनिमय कोष कर्त्तव्य रहेगा।
- 6. प्रत्येक नर-नारी को न्याय व सुरक्षा सहज सुलभ कराना। साथ ही सुधारवादी प्रक्रिया से गलती व अपराध प्रवृत्तियों का निराकरण करना।