अध्याय - 5
जागृति व आचरण
5.1 जीवन में अविभाज्य मन में होने वाली 64 आचरण
1. भक्ति – तन्मयता | 17. स्वीकृति – स्वागत |
2. ममता – उदारता | 18. रूचि – पहचान |
3. सम्मान – सौहाद्र | 19. सुख – स्फूर्ति |
4. स्नेह – निष्ठा | 20. पति/पत्नि –यतीत्व/सतीत्व |
5. पुत्र/पुत्री – अनुराग | 21. माता – पोषण |
6. स्वामी/साथी – दायित्व | 22. पिता – संरक्षण |
7. सेवक/सहयोगी – कर्तव्य | 23. मृदु/कठोर – वहन/संवहन |
8. स्वायत – समृद्धि | 24. शीत/उष्ण – पोषण |
9. हित – स्वास्थ्य | 25. खट्टा - पोषण |
10. प्रिय – प्रवृत्तियाँ | 26. मीठा - पोषण |
11. उल्लास – हास | 27. चिरचिरा - पोषण |
12. शील – संकोच | 28. कडुआ - पोषण |
13. गुरू – प्रमाणिक | 29. कसैला - पोषण |
14. शिष्य – जिज्ञासु | 30. खारा - पोषण |
15. भाई/मित्र – प्रगति | 31. सुगंध/दुर्गंध – श्वसन/ नि:श्वसन |
16. बहन – उन्नति | 32. सुरूप/ कुरूप – स्वागत/अस्वागत |