अध्ययन सामग्री (मूल ग्रंथ)
- अध्ययन के लिए मूल सामग्री ‘मध्यस्थ दर्शन’ – “सहअस्तित्ववाद” वांग्मय के रूप में प्रस्तुत है यह चार दर्शन, तीन वाद, तीन शास्त्र, तथा संविधान के रूप में है। (प्रणेता एवं लेखक - ए नागराज, अमरकंटक, म्. प्र. )
अध्ययन हेतु सहयोग, शिविर
शिक्षा विधि
- शिक्षा विधि से प्रवेश हेतु ‘चेतना विकास मूल्य शिक्षा’ एवं ‘शिक्षा का मानवीयकरण’ कार्यक्रम है। यह विश्वविद्यालय पर्यंत है।
युवा तथा प्रौढ़ शिक्षा, “लोक शिक्षा”
‘जीवन विद्या शिविर’, परिचय शिविर – यह दो स्तर का है:
- प्राथमिक परिचय शिविर (प्रवेश हेतु)
- उद्देश्य - सामान्य सूचना अध्ययन की आवश्यकता स्पष्ट होना
- अध्ययन बिंदु परिचय शिविर (अध्ययन से जुड़ने हेतु)
- उद्देश्य - मध्य दर्शन के मुख्य 44 बिंदु से अवगत होना। अध्ययन की आवश्यकता स्पष्ट होना।
- <strong>अध्ययन शिविर</strong> - अध्ययन में प्रवेश, विधिवत अध्ययन
- <strong>अंशकालीन</strong> - 1/2/3 वर्षीय शिविर जिसमें प्रत्येक कुछ माह में 7-10 दिन सत्र रहता है, जैसे 3 माह में 7 दिन।
- <strong>पूर्णकालीन</strong> – 6 माह / 2/ 3 वर्ष पूर्ण समय, आवासीय।
- <strong>गोष्ठी</strong> - अध्ययन के प्रति निष्कर्षों को जांचने हेतु, चर्चा हेतु, अवधारणा हेतु।