ये सभी क्रियाएँ जागृतिपूर्ण जीवन सहज रूप में प्रमाणित होना पाया गया और जागृति प्रत्येक व्यक्ति में होना संभावित भी है। (क्रम से मन - वृत्ति - चित्त - बुद्धि - आत्मा यह पाँच बल स्थिति में, तथा आशा - विचार - इच्छा - ऋतंभरा - प्रमाण पाँच शक्ति गति में है।)
इसी रूप में
- आस्वादन क्रिया का नाम मन है।
- तुलन क्रिया का नाम वृत्ति है।
- चिंतन क्रिया का नाम चित्त है।
- बोध क्रिया का नाम बुद्धि है।
- अनुभव क्रिया का नाम आत्मा है।
- चयन क्रिया का नाम आय आशा है।
- विश्लेषण क्रिया का नाम विचार है।
- चित्रण क्रिया का नाम इच्छा है।
- संकल्प क्रिया का नाम ऋतंभरा है।
- प्रामाणिकता क्रिया का नाम प्रमाण है।