-अ.श. 2001 संस, 164

मानव जाति पाँच श्रेणियों में परिलक्षित है, जो निम्नानुसार हैं:-

अमानवीय मानव के दो वर्ग हैं :-

पशु मानव और

  • राक्षस मानव।
  • मानवीयतापूर्ण मानव एक वर्ग में है।

अतिमानवीयतापूर्ण मानव पुनः दो वर्ग में है :-

देव मानव और

  • दिव्य मानव। - व्य.द., 36
  • सामाजिकता का अध्ययन मानव के सामाजिक स्वभाव, विषय एवं दृष्टि के आधार पर ही है, जिसके संरक्षण हेतु सामाजिक व्यवस्था है।

उपरिवर्णित आधार पर अध्ययन करने पर मानव प्रवृत्तियों की कुल तीन प्रकार से गणना होती है :-

  • अमानवीयता, (2) मानवीयता, (3) अतिमानवीयता
Page 185 of 335