सदुपयोगी राज्य-नीति

  • सदुपयोगी राज्य-नीति के निर्धारण के लिए विधि व निषेध निम्नानुसार परिलक्षित होता है।

बौद्धिक क्षेत्र

विधि (जागृत मानव प्रवृत्ति)

निषेध (भ्रमित मानव प्रवृत्ति)

१. कर्तव्य-पूर्ण असंग्रह (व्यय के लिए आय)

१. संग्रह (आय को व्यय से मुक्त करने का प्रयास)

२. स्नेह (आवश्यकीय नियम से निर्विरोधिता)

२. द्वेष (आवश्यकीय नियम का विरोध )

३. विद्या (संशय एवम् विपर्यय से मुक्त जानकारी)

३.अविद्या (संशयात्मक एवम् विपर्ययपूर्ण जानकारी)

४. सरलता (दिखावा रहित जीवन, अन्यों में गुरु-मूल्यन)

४. अभिमान (दिखावा पूर्ण जीवन, अपने में गुरु-मूल्यन)

५. अभय (विवेक)

५. भय (अविवेक)

सांस्कृतिक (सामाजिक) क्षेत्र

१. स्वधन – (प्रतिफल, पारितोष, पुरस्कार से प्राप्त धन)

१. परधन (शोषण एवं पाखण्ड पूर्वक प्राप्त धन)

२. स्व-नारी या स्व-पुरुष (सामाजिक निर्णय अनुसार)

२. पर-नारी या पर-पुरुष (सामाजिक निर्णय के प्रतिकूल)

३. दया (जीने देना)

३. पर-पीड़ा (दूसरों के जीवन में हस्तक्षेप)

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