परमाणु अंश का उसी मात्रा के स्वरूप में व्यवस्था के रूप में प्रकाशित होने का सूत्र समायी है इसका प्रमाण हर परमाणु व्यवस्था के रूप में होना ही है। यह समग्र व्यवस्था में भागीदारी करता है।

अर्थात् हर परमाणु व्यवस्था होते हुए अपने प्रजाति के परमाणुओं के साथ अणु, अणुओं से रचित पिंड के रूप में होना दृष्टव्य है। यही चरित्र और आचरण प्रवृत्ति प्रत्येक प्रजाति सहज परमाणु, अणु, अणुरचित पिंडों के रूप में भौतिक वस्तुएँ उपलब्ध है। इस प्रमाण से समग्र व्यवस्था में भागीदारी का सूत्र समझ में आता है। इसके आगे हर एक प्रजाति के रचना अपने अपने समूह के रूप में सहवास जैसे धातु समूह, पाषाण समूह, मिट्टी समूह, मणि समूह।

ऐसे प्रत्येक समूह में अनेक प्रजाति के धातु मणि, पत्थर, मिट्टी होना पाया जाता है ये सब सहवासी विधि से भी साथ में होना पाया जाता है। जैसे मिट्टी पत्थर धातु का सहवास में होना जैसे एक प्रजाति के पत्थर के साथ, एक प्रजाति के धातु दूसरे प्रजाति के धातु के साथ, एक प्रजाति के मणि दूसरे प्रजाति के मणि के साथ होना दृष्टव्य है यह एक सहवास विधि है।

दूसरा सहवास विधि मिट्टी पत्थर, मणि पत्थर, धातु पत्थर में भी सहवास में होना दृष्टव्य है। ये सब जितने भी व्यवस्था प्रवृत्ति से लेकर सहवास तक सभी वस्तुएं व्यवस्था के अर्थ में ही होते है ये सब प्रकाशमानता के साथ ही एक दूसरे को पहचाने रहते है। यह प्रकाशमानता मूलतः कांति है। इसी प्रकार रासायनिक संसार में भी एक दूसरे वस्तु की मात्रा पहचान में आने के आधार पर ही रासायनिक क्रिया उर्मि होना पाया जाता है।

रासायनिक उर्मि का तात्पर्य रासायनिक क्रियाकलाप में प्रवृत्ति है। यह भौतिक क्रियाकलाप प्रवृत्ति से भिन्न पहचानना आरंभ कर विभिन्न रसायनों के योग, संयोग, वियोग, रचना-विरचना क्रियाओं के साथ-साथ व्यवस्था को प्रमाणित करते है। यह परस्परता में पहचान अस्तित्व सहज है। इसी रसायन क्रियाकलाप के उन्नत प्रकाशन म में जीव शरीर और मानव शरीर के रूप में प्रकाशन है। इसका परस्पर पहचान, प्रकाशन पूर्वक हो पाना प्रमाणित है। ये सब व्यवस्था के अर्थ में ही है। हर रचना एक व्यवस्था को प्रकाशित करता है। हर विरचना एक दूसरे रचना के लिए सूत्र बना ही रहता है। इस प्रकार रचना-विरचना भी प्रकाशमानता, प्रतिबिंब और रचना प्राण सूत्र और रचना विधि क्रम में संपन्न होना रासायनिक संसार का नित्य कार्यकलाप है। इनका भी कांति विधि से ही पहचान होना पाया जाता है।

Page 173 of 205