मानव लक्ष्य संपन्नता से जीवन मूल्य प्रमाणित होना, जीवन मूल्य सहज प्रमाण रूप में सहज विधि से मानव लक्ष्य साक्षित फलित होता है।

1. समाधान

मानव संस्कृति, पूर्णता के अर्थ में किये जाने वाले कृतियों के रूप में समाधान है।

मानव सभ्यता पूर्वक व्यवस्था में भागीदारी के रूप में समाधान है।

मानवीयता पूर्ण आचरण समाधान है।

मानवीय सभ्यता, स्वतंत्रता और परिवार मूलक व्यवस्था में भागीदारी सहज सभ्यता, स्वतंत्रता, स्वराज्य के रूप में सर्वतोमुखी समाधान है।

अस्तित्वमूलक मानव केन्द्रित चिंतन ज्ञान-विवेक-विज्ञान सहज अभिव्यक्ति, सम्प्रेषणा, प्रकाशन समाधान है।

जागृति पूर्वक किया गया, कराया गया, करने के लिए सहमत समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और भागीदारी समाधान है।

जीवन जागृति पूर्वक किया गया कार्य-व्यवहार-विचार समाधान है।

मानव लक्ष्य को प्रमाणित करना समाधान है।

जीवन मूल्यों को मानव परंपरा में प्रमाणित करना समाधान है।

2. समाधान = सहअस्तित्व सहज समझ।

अस्तित्व स्थिर है, विकास व जागृति निश्चित है।

सहअस्तित्व में जीवन जीवनीक्रम, जीवन जागृतिक्रम, जीवन जागृति, जागृति सहज निरंतरता सहज समझ समाधान सम्पन्न परंपरा ही जागृत मानव परंपरा है।

  1. 1) व्यापक सत्ता में सम्पृक्त जड़-चैतन्य प्रकृति को अध्ययन पूर्वक समझना समाधान है।
  2. 2) सत्ता में सम्पृक्त जड़ चैतन्य प्रकृति को सहअस्तित्व में अविभाज्य व नित्य वर्तमान सहज, वैभव में, से, के लिए अध्ययन पूर्वक समझना समाधान है।
  3. 3) सहअस्तित्व परम सत्य है, यह समझना समाधान है।
  4. 4) सहअस्तित्व सहज शाश्वतीयता को समझना समाधान है। सहअस्तित्व मुद्दों के रूप में स्थिरता, निश्चयता सहज निरंतरता को समझना समाधान है।
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