स्थापित मूल्य

(1) कृत्तज्ञता - प्राप्त सहायता उपकार के प्रति स्वीकृति प्रसन्नता व निरंतरता की स्वीकृति

(2) गौरव - विकसित (जागृत) को पहचान एवं उनके अनुरूप होने में उत्साह और निरंतरता

(3) श्रद्धा - प्रामाणिकता, श्रेष्ठता की ओर प्रवृत्ति एवं संकल्प सहित गति

(4) प्रेम - पूर्णता सहज प्रमाण; दया कृपा करूणा की संयुक्त अभिव्यक्ति।पूर्णता में नित्य रति, पूर्णता की सहज निरंतरता

(5) विश्वास - संबंध निर्वाह निरंतरता सहित मूल्यों के निर्वाह

(6) वात्सल्य - अभ्युदय सर्वतोमुखी समाधान के अर्थ में पोषण संरक्षण व्यक्तित्व में संतुलन, व्यवहार में निरंतरता

(7) ममता - स्वयं में, से, के लिए प्रतिरूपता सहज स्वीकृति, उत्सव निरंतरता

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