(7) ममता - स्वयं में, से, के लिए प्रतिरूपता सहज स्वीकृति, उत्सव निरंतरता | (7) उदारता - प्रतिफलापेक्षा विहीन कर्त्तव्य दायित्व वहन,तन मन धन अर्पण | |
(8) सम्मान - व्यक्तित्व एवं प्रतिभा में श्रेष्ठता सहज प्रमाण का पहचान, स्वीकृति - प्रमाणित होने की प्रवृत्ति | (8) सौहाद्रता - स्पष्टता से मूल्यांकन, क्रियाकलाप में स्पष्टता, सार्थकता | |
(9) स्नेह - संतुष्टि प्रसन्नता, विचार व्यवहार में निरंतरता, स्फूर्त मिलन सान्निध्य की निरंतरता | (9) निष्ठा - मानवीयता पूर्ण उत्सव में, से, के लिए स्वयं मानवीयता सहित व्यवस्था सहज वर्तमान |
सभी संबंधों का निर्वाह ही व्यवस्था है। अभिव्यक्ति, संप्रेषणा सहज प्रकाशन = भाषा भाव मुद्रा अंगहार प्रक्रिया सहित संप्रेषणा = सटीक भाषा (अर्थ संगत) = चित्र लेख रूप में = स्वीकृत संप्रेषणा = अभिव्यक्ति = संबंधों का निर्वाह सहज प्रमाण। किशोरावस्था तक पहचान संबोधन और दस वर्ष के पश्चात् समझ सहित निर्वाह परस्परता में अपेक्षा - आवश्यकता। अध्ययन बिन्दु (10,11),संवाद 2009