- ● जागृत मानव परम्परा ही सर्वमानव में, से, के लिए सर्वशुभ का स्त्रोत है ।
- ● मनःस्वस्थता अथवा आनंद की उपलब्धि ही रहस्य से मुक्ति है ।
- ● स्वस्वरूप की अनुभूति परम्परा सहज योग विधि से सार्थक होना पाया जाता है । योग का अर्थ मिलन है । सार्थक मिलन का अर्थ जागृत परम्परा में शरीर और जीवन का योग होने से है । जागृत मानव के साथ जागृति के लिए मिलन क्रिया सम्पन्न होने से है ।
“सर्व शुभ हो”।