भजन और सेवा से संयुक्त अभिव्यक्ति संप्रेषणा, प्रकाशन क्रियाकलाप ।

भक्ति संपूर्ण निष्ठा की अभिव्यक्ति है ।

तन्मयता :- सम्यक निष्ठा के लिए निश्चित लक्ष्य एवं दिशा हेतु निर्देशन विधि से जागृति सहज प्रभाव में अभिभूत होना तन्मयता है ।

ममता, उदारता

ममता :- अपनत्व की पराकाष्ठा पूर्वक पोषण संरक्षण कार्य ।

स्वयं की प्रतिरूपता की स्वीकृति, उसकी निरंतरता ।

उदारता :- स्वप्रसन्नता पूर्वक, दूसरों की जीवन जागृति, शरीर स्वस्थता व समृद्धि के लिए आवश्यकतानुसार तन, मन, धन रूपी अर्थ का अर्पण-समर्पण करना ।

प्राप्त समाधान रूपी सुख सुविधाओं (समृद्धि) का, दूसरों के लिए सदुपयोग करना और प्रसन्न होना ।

सम्मान, सौहार्द्र

सम्मान :- व्यक्तित्व, प्रतिभा की स्वीकृति और उसका संतुलन सहज प्रकाशन ।

व्यक्तित्व, प्रतिभा की श्रेष्ठता की स्वीकृति, निरंतरता व स्पष्टता ।

सौहार्द्र :- जिस प्रकार से स्वीकृति हो उस अवधारणा, अनुभव, स्मृति और श्रुति को यथावत् प्रस्तुत करने का क्रियाकलाप ।

स्नेह, निष्ठा

स्नेह :- न्यायपूर्ण व्यवहार में निर्विरोधिता ।

संतुष्टि में, से, के लिए स्वयं स्फूर्त मिलन और निरंतरता ।

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