शांति, दया
शांति :- समाधान पूर्ण विचार का फलन ।
इच्छा एवं विचार की निर्विरोधिता ।
दया :- दूसरे के विकास में हस्तक्षेप न करना ।
पात्रता के अनुरूप वस्तु, योग्यता प्रदायी क्षमता ।
कृपा, करुणा
कृपा :- दूसरे के विकास के लिए सहायता अथवा पात्रता अर्जित करने में सहायक होने में अर्हता सम्पन्न रहना ।
वस्तु के अनुरूप पात्रता प्रमाणित कराने वाली क्षमता योग्यता को स्थापित करने की क्रिया ।
करुणा :- विकास के लिए उत्प्रेरित करना ।
विकास के लिए योग्यता और पात्रता अर्जित करने में सहायक होना ।
दम, क्षमा
दम :- ह्रास की ओर जो आसक्ति है, उसकी समापन क्रिया ।
भ्रम, भय और अपव्ययता से मुक्ति और जागृति में निष्ठा ।
क्षमा :- विकास के लिए की जाने वाली सहायता के समय उसके ह्रास पक्ष से अप्रभावित रहना ।
तत्परता, उत्साह
तत्परता :- जागृति, जागृति क्रम में सक्रियता ।
उत्पादन कार्यकलाप में लगनशीलता ।
मानवीय व्यवहार-आचरण में निष्ठा ।