निष्ठा :- जागृति पूर्ण लक्ष्य में निश्चित अवधारणा व स्मरण पूर्वक प्राप्त करने व प्रमाणित करने का निरंतर प्रयास ।

पुत्र-पुत्री, अनुराग

पुत्र-पुत्री :- शरीर रचना की कारकता सहज स्वीकृति और जीवन जागृति में पूरकता निर्वाह करने वाली मानव इकाई ही पिता है ।

पोषण, सुरक्षा की स्वीकृति ।

संतानों के पोषण संरक्षण के लिए, उत्पादन हेतू सक्षम बनाने हेतु आधार के रूप में स्वयं को स्वीकारना ।

शिक्षा संस्कार प्रदान करने में स्वयं को सक्षम स्वीकारना ।

सम्पूर्ण ज्ञान प्रावधानित करने के लिए स्वयं में स्वीकारना ।

अनुराग :- निर्भ्रमता में प्राप्त आप्लावन (अनुपम रसास्वादन संभावना की स्वीकृति)

आप्लावन अर्थात् संबंधो में निहित मूल्यों का निर्वाह करने में सफलता ।

साथी, दायित्व

साथी :- सर्वतोमुखी समाधान प्राप्त व्यक्ति ।

स्वयं स्फूर्त विधि से दृष्टा पद में हों ।

स्वयं को जानकर, मानकर, पहचान कर, निर्वाह करने के क्रम में साथी कहलाता है ।

दायित्व :- परस्पर व्यवहार, व्यवसाय एवं व्यवस्थात्मक संबंधों में निहित, मूल्यानुभूति सहित, शिष्टतापूर्ण व्यवहार ।

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