वस्तुओं का योग संयोग से प्राप्त कुल परिणाम की स्वीकृति ।
सुख, स्फूर्ति
सुख :- समाधान
स्फूर्ति :- समाधान सहज प्रमाणों में, से, के लिए प्रवृत्ति ।
पति-पत्नि, यतीत्व-सतीत्व
यतीत्व :- यत्न (प्रयोग) पूर्वक तरने के लिए, जागृति निर्भ्रमता और जागृति सहज निरंतरता के लिए किया गया सम्पूर्ण कार्य-व्यवहार; निर्भ्रमता सहित की गई प्रक्रिया एवं प्रयास । यत्न अर्थात् शोधपूर्वक समझना ही तरना ।
सतीत्व :- सत्व (संकल्प) पूर्वक तरने, जागृत होने के लिए किया गया कार्य-व्यवहार, समझ, प्रक्रिया समुच्चय; भ्रम मुक्ति । सत्व अर्थात् संकल्प निष्ठापूर्वक समझना ही तरना ।
माता, पोषण
पोषण :- इकाई + अनुकूल इकाई ।
पिता, संरक्षण
संरक्षण :- निर्बाधता । सुगमता के अर्थ में है ।
ज्ञानेंद्रिय - कर्मेन्द्रिय क्रियाएं
मृदु-कठोर, वहन-संवहन
परिभाषा :-
संवहन-मृदु :- (1) स्पर्शेंद्रिय से कम भार व दबाव को सहने वाली वस्तुएँ ।
(2) संकुचन पूर्वक वहन करने वाली वस्तुएँ ।
कठोर :- स्पर्शेंद्रिय से अधिक भार व दबाव को सहने वाली वस्तुएं । पूर्णता के वेदना सहित, गति वहन करना ।