• स्नेह (सामाजिक नियम से निर्विरोधिता) का प्रमाण
  • द्वेष (आवश्यकीय नियम का विरोध) दूसरे का नाश, शोषण से स्वरक्षा की स्वीकृति
  • विद्या (सहअस्तित्व पूर्ण समझ) संशय एवं विपर्यय से मुक्त जानकारी, समझ
  • अविद्या (संशयात्मक एवम् विपर्ययात्मक प्रवृत्ति ) अधिमूल्यन, अवमूल्यन, निर्मूल्यन प्रवृत्ति।
  • सरलता (दिखावा रहित स्पष्टता) जीवन व अन्यों में गुरु मूल्यन मूल्यांकन
  • अभिमान (दिखावा पूर्ण जीवन, अपने में अधिमूल्यन)
  • अभय (विवेक) समाधान का प्रमाण
  • भय (अविवेक)

सामाजिक क्षेत्र

  • स्वधन - प्रतिफल पारितोष पुरस्कार सम्पन्नता का प्रमाण
  • परधन (शोषण एवं पाखण्ड पूर्वक प्राप्त धन)
  • स्वनारी या स्वपुरुष (सामाजिक निर्णय अनुसार प्रमाण)
  • परनारी या परपुरुष (सामाजिक निर्णय के प्रतिकूल)
  • दयापूर्ण कार्य व्यवहार दया (जीने देना) पात्रता के अनुसार वस्तु सुलभता का प्रमाण
  • पर-पीड़ा (दूसरों के जीवन में हस्तक्षेप)

प्राकृतिक क्षेत्र

  • प्राकृतिक सम्पत्ति खनिज वन का उनके उत्पादन के अनुपात में व्यय प्रमाण
  • प्राकृतिक सम्पत्ति का उत्पादन से अधिक व्यय (अतिरिक्त व्यय)
  • प्राकृतिक सम्पत्ति के संतुलन में पूरक होने का प्रमाण
  • उत्पादन में अनानुपातीय दोहन व प्राकृतिक वैभव में हस्तक्षेप एवं शोषण (धरती क्षतिग्रस्त)
  • प्राकृतिक वैभव में आवर्तनशीलता को बनाये रखना
  • प्राकृतिक आवर्तनशीलता में बाधा उत्पन्न करना । अनावर्तिय द्रव्यों का शोषण करना।
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