(2) मनोविज्ञान के साथ संस्कार पक्ष का अध्ययन ।
(3) अर्थशास्त्र के साथ प्राकृतिक एवं वैयक्तिक ऐश्वर्य के सदुपयोगात्मक तथा सुरक्षात्मक नीति पक्ष का अध्ययन ।
(4) समाजशास्त्र के साथ मानवीय संस्कृति तथा सभ्यता का अध्ययन ।
(5) राजनीति शास्त्र के साथ मानवीयता के संरक्षण एवं संवर्धन के नीति पक्ष का अध्ययन ।
(6) दर्शन शास्त्र के साथ क्रिया पक्ष का अध्ययन ।
(7) इतिहास एवं भूगोल के साथ मानव तथा मानवीयता का अध्ययन ।
(8) साहित्य शास्त्र के साथ तात्विकता का अध्ययन ।
- # 6. नैतिक सुरक्षा :- यह मूलतः जीवन जागृति पर आधारित है । जागृति पूर्वक ही अखण्ड समाज सार्वभौम व्यवस्था को पहचानना होता है । फलस्वरूप नैतिकता प्रमाणित होती है । यही सदुपयोग, सुरक्षा का अर्थ है ।
“सर्व शुभ हो”