सम-विषम- मध्यस्थ गतियाँ, गतियों का आंकलन ।
स्वभाव गति और अपेक्षित गति का प्रकाशन ।
संतोष, श्री
संतोष :- अभाव का अभाव ।
आवश्यकता से अधिक उत्पादन सहित विवेक सम्मत विज्ञान पूर्वक प्रमाणित होने की तत्परता ।
श्री :- समृद्धि या समृद्धि की निरंतरता सहज स्वीकृति ।
प्रेम, अनन्यता
प्रेम :- पूर्णानुभूति ।
दया, कृपा, करुणा की संयुक्त अभिव्यक्ति ।
पूर्णता में रति व उसकी निरंतरता ।
अनन्यता :- मानव की परस्परता व नैसर्गिकता में पूरक क्रिया- कलाप।
प्रामाणिकता व समाधान में निरंतरता ।
अजागृत के जागृति में सहायक क्रिया ।
वात्सल्य, सहजता
वात्सल्य :- अभ्युदय के अर्थ में पोषण, संरक्षण की निरंतरता ।
सहजता :- स्पष्टता व प्रामाणिकता ।
व्यवहार, रीति, विचार एवं अनुभव की एक सूत्रता ।
श्रद्धा, पूज्यता
श्रद्धा :- श्रेय की और गतिशीलता अर्थात् आचरण पूर्णता की ओर गुणात्मक परिवर्तन ।
जागृति और प्रामाणिकता की ओर गति व उसकी निरंतरता ।