उत्तर : ब्रह्मांडीय किरण के बारे मे बात ऐसा सोचना चाहिए, बहुत सारे किरण, विकिरण के रूप में दौंड़ते हैं। विकिरणीयता क्या चीज है? जब कभी भी परमाणु में जो कार्य होता है, उसका जितने भी ताप है, वो परावर्तित होता है। परमाणु में जितना ताप होता है, वातावरण में यदि उससे कम होगा, उस स्थिति में वातावरण में वो परावर्तित होता है। विकिरणीय material में परिवेशीय गति से उत्पन्न, जितने भी ताप है, वो मध्यांशों पर प्रभावित कर देता है। उसमें हजम होने की एक निश्चित ताकत है, वो ताप को अपने में रखने के लिए, हजम करने के लिए, माने डुहारने के लिए निश्चित एक अवधि है, मध्यांश में। वहाँ तक वो अपने में समा लेता है, वो क्षमता के अनुसार बिल्कुल पूरा अपने में समा लेता है। उससे ज्यादा होने के बाद उसका प्रभाव को उसके बाह्य वस्तुओं पर फेंक देता है, फेंकना शुरू करता है। वो कैसा फेंकता है? वो ताप के रूप में नही फेंकता, कंपन के रूप में फेंकता है।
प्रश्न : कंपन माने?
उत्तर : वातावरण में जो molecules रहता है, वो उद्वेलित होते कि स्थिति में जाता है। अभी अपने शरीर में विकिरणीय प्रक्रिया से X-ray करते हैं, इसमें क्या होता है? हमारा शरीर के अणुओं को उद्वेलित करके हड्डी का photo लेता है। इसी क्रम से वातावरण में उसका उद्वेलन शुरू होता है। हो करके वो अणु से अणु, अणु से अणु होते-होते, केवल प्रभाव ही जाता है, इसको विकिरण नाम है। उसमें ताप travel नहीं होता है, तरंग travel होता है। तरंग मध्यांशों से प्रेरित प्रकरण है, प्रेरणा है ये। उसकी इतना ज्यादा पैनीपन है, चुभने वाली चीज है, एक के अंदर घुसने की योग्यता है, वो अपना वांछित विधि से उससे काम लेने योग्य ताकत है। उसको अभी ले भी रहे हैं। ये विकिरणीय गति का मतलब है। विकिरण की गतियों को भी ब्रह्मांडीय किरण कहलाता है।
प्रश्न : ये जो विकिरण का प्रभाव है, किसी इकाई के केन्द्र मे होता है, या बाहरी भाग में?
उत्तर : केन्द्र में होता है।
प्रश्न : जैसे सामान्य रूप में जो प्रभाव होता है?
उत्तर : वो सब तो बाहरी, बाह्य परिवेश की जो वस्तु में होता है। ये जितने भी अभी अपन बाकी बात कहते हैं, उसमें क्या होता है, मध्यांश से बहिर्गत होता है ताकत, उसमें कोई particle जाता नहीं है। हमारा सोचना है particle के रूप में भागता है विकिरण, विज्ञान में ऐसा मानते हैं।
प्रश्न : विज्ञान में ऐसा मानते हैं, alpha beta gamma तीन प्रकार के particle निकलते हैं, परमाणु से।
उत्तर : ये तीन प्रकार से प्रभाव होता है, particle नहीं होता है। अभी अपने को प्रभाव मानना चाहिए। बाह्य संसार में जितने भी अणु परमाणु होते हैं, उनके ऊपर प्रभाव डालते हैं, वो तरंगवत जा करके वांछित क्रिया करते हैं।
प्रश्न : ये आपने विकिरण के बारे में बताया?
उत्तर : हाँ ये विकिरण के बारे में।