8. रश्मि और ताप

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प्रश्न : बाबाजी धरती का बल जहाँ तक काम करता है, उस के फिर आगे जाकर शून्य आकर्षण है?

उत्तर : वो अभी भाषा को बदलिए। धरती का वातावरण जहाँ तक है - उसका क्या मतलब है? धरती अपना रक्षा कवच बनाए रखा है, संतुलन के लिए अपने वातावरण को बनाता है। हर एक- एक आप अपने संतुलन के लिए आपका वातावरण बनाते हो, मैं अपने संतुलन के लिए मैं अपना वातावरण बनाता हूँ, ये अपने संतुलन के लिए अपना वातावरण बनाता है। ये प्रकाश अपने संतुलन के लिए अपना वातावरण बनाए रखा है। ये जो दिख रहा है आपको चित्र, ये अपने संतुलन के लिए अपने वातावरण को बनाए रखा है। एक परमाणु अपने संतुलन के लिए अपने वातावरण बनाए रखा है। परमाणु से रचित अणु अपने संतुलन के लिए अपने वातावरण को बनाए रखा है। उसी क्रम में ये धरती अपने संतुलन के लिए अपना वातावरण को बनाए रखा है। कितना राम कथा निकल गया? ये पूरा निकल गया ना। निकल गया तो ये संतुलन के अर्थ में जो चीज़ है उसको धरती के संतुलन के लिए रक्षा कवच है। क्या रक्षा करता है पूछा? ये तो स्वाभाविक है, आदमी जात कल्पनाशील है ही है, वो तो पूछेगा ही।

उसका रक्षा के लिए ये हमने बताया है सूर्या का ऊष्मा धरती के वातावरण तक जब पहुँचता है, वो उसी के समान रहता है, सूर्य के वातावरण से disperse हुआ रहता है। सूर्य का भी एक वातावरण होगा। चंद्रमा का भी एक वातावरण होगा। सूर्य का वातावरण के अंतिम छोर में जो ऊष्मा का स्वरूप था, वो ही ऊष्मा का स्वरूप धरती के प्रथम छोर में पहुँचता है। बीच में कोई loss नहीं है क्योंकि neutralize होने के लिए कोई वस्तु नहीं है, बाँटने के लिए वस्तु नहीं है। वस्तु यदि होगा भी नगण्य है, वो radiation के रूप में जो आप कहते हो, ऐसा कोई travel करता भी होगा, उसका नगण्य बात है।पहुँचता है तो क्या होगा भाई? ये इसका नाम है किरण। उसको विकिरण कहो, किरण कहो, नाम आप रखो। ऊष्मा ही transfer हो करके आया है। ये सच्चाई है। ताप ही परावर्तित हो करके धरती के वातावरण के अंतिम छोर में छू गयी। कितना है वो ताप? सूर्य के वातावरण के अंतिम छोर में जो ताप का अनुपात था, उतना अनुपात ये धरती के अंतिम छोर को छू गया। छूने के बाद परावर्तन में ऊष्मा आबंटित होना शुरू हो गया। ऊष्मा आबंटित होने के लिए अपना रक्षा कवच को बनाए रखा है। आबंटित होते होते धरती को छूते तक में रश्मि के स्वरूप में छूता रहा। उसमें विज्ञान हस्तक्षेप किया, वो रश्मि बनने में व्यवधान पैदा किया। फलस्वरूप क्या हुआ? धरती में ताप बड़ गयी। धरती में ताप बढ़ने से जो होने वाला परिणाम है, शायद आप लोगों ने अंदाज़ा लगाया ही होगा।

प्रश्न : रश्मि और ताप में क्या अंतर है?

उत्तर : किरण और रश्मि। तो क्या होता है ताप कैसे पहुँचा है? सूर्य के प्रतिबिम्ब के रूप में पहुँ४५६७८९५चा है, जिसको हम प्रकाश कहते हैं। परावर्तित हुआ है ताप, बिम्ब के साथ आया है, प्रतिबिम्ब के साथ आया है। जैसा, यहाँ जब ताप इससे पहुँचा है, इसका प्रतिबिम्ब के साथ ही आ रहा है। उसका रूप का प्रतिबिम्ब है, उसका नाम हैं

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