9. किरण, विकिरण, तरंग, प्रतिबिम्ब

👉 विडिओ संदर्भ देखें: video 14, time 44:00-59:28

चुम्बकीय चिकित्सा नाम की एक चीज शुरू हुई, और TV में हम समझता हूँ एक 10 दिन वो आदमी चुम्बकीय चिकित्सा के बारे में चीखता रहा। उसमें से एक दिन वो चीखाई को हम भी सुना, संयोगवश भोपाल में किसी के घर में था, उस दिन वो तमाम प्रकार के बताता, इसमे सब रोग दूर होता है बोले। सबसे अच्छा ये हुआ उनका रोग दूर हो गया। क्या रोग? दरिद्रता! कैसे? उनका किताब बिक गया, वो लोहे की टुकड़ा वो जो चाहा उस भाव से बिका, इतना हम जनता हूँ, बाकी एक भी कोई चीज कामयाब नहीं हुआ। ये पुराणिक साहब यहाँ बैठे हैं, इन्ही के यहाँ से वो चुम्बकीय पथरों को हम डुहार के ले गये, क्या किये? डुहार के ले गये, उसको प्रयोग किये, ईमानदारी के साथ प्रयोग किए, एक पैसे की फर्क नहीं। चीखाई हम टीवी में सुने। उनका तो दरिद्रता छूट गई ये बात सही है। Delhi में उनका बंगला बना हुआ है, आलीशान एक एकड़ जमीन में। बना के दिखाओ? पता लगता है। ये तंदरुस्ती बढ़ गई। आगे चलो।

प्रश्न : बाबा पर समृद्ध हो गये क्या वो, दरिद्रता दूर हो गई तो?

उत्तर : अरे कहाँ से समृद्ध हो गये हो, वो दरिद्रता तो और चौगुने की तो बना ही है।

प्रश्न : दूर कहाँ हुई?

उत्तर : तो पहले की अपेक्षा तो परिवर्तित हो गये ना रे, लोगों की आँखों मे उनको पैसा मिल गया ये ही evidence मिल गया ना भाई।

प्रश्न : आकाश से कोई उलका आकर धरती में गिरता है, तो ये उलका पात आकाश से आता किस जगह से है?

उत्तर : इसके ऊपर बहुत सारे अटकलें हैं पहले, तो वो तारा टूट करके आता है, उसके बाद उलका होता है, वो जो तारा ही उलका है दूसरा कोई उलका है, ये सब बात ही थी। ठीक है? उलका पात होता है ये बात सही है। हमारे आँखों को भी दिखता है, कोई-कोई चीज कोई दिन कोई बिल्कुल बरता हुआ, जलता हुआ चीज, धरती की ओर दौड़ता हुआ, आप हम देखते हैं। ठीक बात है ये, यहाँ तक पूरा हो गया। उसके बारे में हमने जो देखा है, इसकी सही स्वरूप को देखा है, वो ये है, ब्रह्मांडीय किरणों का निरंतर गति बना रहता है, ये तो आप जानते ही हैं, कोई एक प्रकार कि ब्रह्मांडीय किरण का संयोग होने से उसमें इतना ताप बढ़ जाता है, एक second की करोड़ों - करोड़ों भाग में, आस पास की बहुत सारे अणुओं को एकत्रित कर देता है। आकर्षण बल बढ़ करके एकत्रित कर लेता हुआ, जलता हुआ ज्वाला जैसा नीचे तक आता है। वो कोई चीज जैसा भी मिल सकता है कभी-कभी, कभी-कभी नहीं भी मिल सकता है।

प्रश्न : ये जो घटना है, धरती के वायुमण्ड़ल के भीतर घटित होता है?

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