3. भार एवं बल - 2
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प्रश्न : अभी ये आकर्षण बल, विकर्षण बल, प्रत्याकर्षण बल को परिभाषित कर दीजिए?
उत्तर : आकर्षण बल के बारे में बताया, दो चुम्बकीय वस्तु को आमने-सामने रखने पर एक दूसरे के पास आता है, उसका नाम है आकर्षण बल। ऋणाकर्षण, धनाकर्षण भेदों से कुल मिला करके एक दूसरे के पास आ जाते हैं, इसको आकर्षण बल हम कह रहे हैं। उसी को हम एक अणु के पास ले जाते हैं, कई परमाणुऐं एक अणु के साथ जुड़ते हैं, वो आकर्षण बल से ही जुड़ते हैं। विकर्षण बल ये चीज़ होती है, जैसा जितना ताकत से वो एक जगह में जुड़ते रहे, उससे ज्यादा ताकत से दूर ले जाने वाले कार्य को हम विकर्षण बल कहते हैं। जितना ताक़त से जोड़ने की बल लगी हुई है, उससे अधिक लगा करके उसको अलग फैलाने वाली जो कार्य है उसको हम विकर्षण बल कहते हैं।
प्रश्न : क्या विकर्षण बल आरोपित है? जितना निश्चित दूरी में रह सकते हैं, उससे ज्यादा नज़दीक करने पर आकर्षण बल बढ़ा, विकर्षण हुआ ऐसा कहेगें?
उत्तर : वो आकर्षण बल बढ़ा, उसका विकर्षण से अच्छी दूरी में प्रतिष्ठित होते है। विकर्षण बल की प्रयोग होता है माने पास में आने से विकर्षण बल की प्रयोग होता है।
प्रत्याकर्षण का मतलब बताइए
उत्तर : प्रत्याकर्षण का मतलब ये होता है, एक बार विकर्षित हो चुकी थी, उसकों पुनः आकर्षण में परिवर्तित हो करके किसी के साथ सहअस्तित्व को प्रमाणित करना। ये प्रत्याकर्षण की मतलब है। जैसा कोई चीज़ को हम विकर्षित कर दिया, वो विकर्षित होने के पश्चात कोई चीज़ दूर चला गया, दूर चले जाने के बाद किसी दूसरा विधि उसके ऊपर आरोपित होने के फलस्वरूप पुनः आकर्षण की क्रिया में आरूढ़ हो गया, उसी वस्तु का, तब उसको प्रत्याकर्षण कहते हैं। प्रत्याकर्षण जो है, परिस्थितियाँ बदलते रहते हैं - वातावरण से, स्वयं की क्रिया से, स्वयं के आचरण से - परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं। आचरण भी अपने परिस्थिति को बदलता है, वातावरण भी परिस्थितियों को बदलने में सहायक होता है। इन दोनों का योगफल में कोई एक ऐसा स्थिति बनती है, जो विकर्षित होने के लिए, भाजक हो गया था जो वस्तु, वो पुनः आकर्षण के साथ अपने सही स्थली में पहुँचने के लिए बाध्य हो जाता है, इसको प्रत्याकर्षण कहते हैं। जैसा एक परमाणु से कोई एक अंश भाग गया, छूट के भाग गया, थोड़ा देर के बाद पता चला, वो अंश घूम फिर करके उसी परमाणु में आ गया, ये प्रत्याकर्षण बल है। जैसे में आप के पास आया आकर्षण हुआ फिर में भाग गया पुना में आपके पास आ गया। ये प्रत्याकर्षण हुआ, आरोपित बल और स्वयं स्फूर्त बल, दो बात पर विचार किया जाए।
प्रश्न : विज्ञान में विकर्षण को ही प्रत्याकर्षण कहते हैं और आकर्षण अलग चीज़ है, ऐसा दो ही चीज़ है, तीन नहीं हैं।