21. Cloning एवं संतान उत्पत्ति

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प्रश्न : Cloning प्रक्रिया क्या व्यवस्था से जुड़ा हुआ हैं या अव्यवस्था से?

उत्तर : अव्यवस्था से। एक तरफ हम हल्ला करते हैं, जनसंख्या बढ़ गया। ये आवाज़ हर दिन radio से, मध्यमों से सुनते है की नहीं? और उसके बाद cloning वाले क्या कहते हैं? अपना प्रतिरूप को हजार बना लो, करोड़ बना लो, पैसा भर दे दो। आप ही के जैसा आदमी को आपके 1 inch चमड़े से यदि एक करोड़ आदमी बना दें, उतना पैसा देना पड़ेगा, वो बना के दे देंगे, ऐसा दावा करते हैं। वो दावा कहाँ तक सही है, उसके बारे में ये था- पहले हमारा जैसा ही काम करने वाला होगा। अभी वो आप ही के जैसा काम करेगा। ऐसा कहना बंद कर दिया, किन्तु इससे हजार आदमी बनाएंगे, 10 हजार आदमी बनाएंगे, ये तो कहते हैं। यदि ऐसा बनने लग जाये, तो कहाँ रखोगे आदमी को? अभी ही रखने के लिए जगह नहीं है। अभी परम्परा में, एक दो पुश्त में, आदमी के पास गजिया भर की जमीन रह जाएगी, ये जगह में आ ही रहे हैं, अब ये हज़ार आदमी, यही आदमी, इनके पास में जो जमीन है, वो पैदा करके कितने में रखेगा? हमारे पास 2 एकड़ जमीन है, हम ही 1 करोड़ आदमी चाहते हैं, हम बना करके कहाँ रखें। ये अप्राकृतिक, मानवीय परंपरा के लिए अपराधिक है।

प्रश्न : मानव के clone की बात नहीं, जीवों के clone की बात करें तो?

उत्तर : जीवों का clone क्या है? मांसाहार करने के लिए clone, और किस बात के लिए clone? अपराध को छोड़ करके आप clone को शुरू ही नहीं कर सकते। आपके पास ऐसा कोई जुगाड़ नहीं है।बोल रहे है अभी संभावना की बात नहीं है , अभी clone की यहां तक सार्थक माना गया है, भ्रूण बना करके पुनः गर्भाशय में रख करके ही जानवरों का बच्चा प्राप्त किए हैं, ऐसा सुनते हैं। जैसा आपका ये tissue culture के अनुसार जो laboratory में छोटे-छोटे पौधे प्राप्त करते हैं, ऐसा बच्चों को पाने की जगह आना है cloning में। एक-एक डिबिया में एक-एक बच्चा, करोड़ डिबिया मे करोड़ बच्चा। कल्पना तो यही कर रखा है, इस विधि से कहाँ ले जा करके रखें सबको, क्या करें ? ये अप्राकृतिक सोच सब अंततोगत्वा शेखचिल्ली विधि है। स्वयं का काल, स्वयं का मृत्यु, स्वयं का परेशानी, स्वयं के गले को फांसी। इसके अलावा कुछ नहीं। अभी अप्राकृतिक खेती करके अपने

गले में फांसी हुआ कि नहीं हुआ? रसायन खाद डाल-डाल करके जमीन बंजर हुआ कि नहीं? ये सब चीज़ें हम अपने ही हाथ से, सम्मोहन विधि से, अपने ही स्वीकृति विधि से गले को फांसी लगा चुके हैं। इससे छूटना ही अभी बहुत कठिन है। उसके बाद ये नया फाँसी हैं, cloning वाला जो बात है, ज्यादा परेशानी मोल लेने की एक अच्छा जुगाड़ है।

प्रश्न : कोई मनुष्य यदि पुत्र से वंचित है, उसको कलंकित माना जाता है?

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