15. पूर्णिमा - अमावस्या का प्रभाव
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प्रश्न : जो ज्ञान हुआ है लोगों को ऐसा माना जाता है पूर्णिमा के दिन ही हुआ है, तो आपके साथ भी ऐसा संयोग हुआ है। इसका क्या मतलब है, क्या कारण है ?
उत्तर : कोई ना कोई दिन तो ज्ञान होना ही है, यदि ज्ञान होता है। पूर्णिमा के दिन ज्ञान हुआ को हम बहुत कुछ आँकलित कर लिए है,या अमावस्या, कुछ भी हो सकता है। हम समझते हैं पूर्णिमा के दिन ज्ञान हुआ बहुत सारे लोगों को, जैसा कि दत्तात्रेय जी के बारे में बात करते हैं, ठीक है ना। अष्टमी के दिन बहुत सारे दुष्टों का संहार हुआ, ऐसा भी बताते हैं। ये सभी बातों पर हम सोचने पर हमको कोई तकलीफ नहीं है। आज आदमी के लिए कैसा ज्योतिषी को launch कराया जाए। ज्योतिषी के हर पहलुओं से, मानव को राहत मिलने वाली स्थिति को, उसका विरोध को शमन करने वाली विधि को, प्राप्त करने के लिए कैसा सोचा जाए, ऐसा हमारा सूझ बूझ है। उसमे क्या हो गया, हम इसमे समय इसलिए नहीं दे पा रहा हूँ, हम इसमे अच्छी तरह से फस गया हूँ। देखते नहीं हो, ये सब राहु-केतू जो है पकड़े,बत्तिशी बाहर करे, यही सोचते है।
प्रश्न : बाबाजी हमारे जो राहु-केतु फसे हुए हैं, वो कैसे बाहर निकलेंगें?
उत्तर : उसके लिए हमारे पास दवाई है। प्यार से समझदार हो जाओ, सब राहुकेतू सीधा हो जाएंगे।
प्रश्न : ये बात तो स्पष्ट होती है कि पूर्णिमा और अमावास्या को जो भी मानसिकता, जिस व्यक्ति की रहती है, उछाल खाएगा, जिस आदमी को गलत मानसिकता है, पागलपन के तरफ चला गया। जिस आदमी को सही मानसिकता है, ज्ञान के तरफ चला गया।
उत्तर : ऐसा भी एक आँकलन बनाया जा सकता है।
प्रश्न : तो इस तरह की अवसरों का यदि सुस्पष्ट अध्ययन हमारे पास हैं, तो जागृति में सहायक हो सकता हैं।
वोही मानव मे introduce करने की बात है। उस अर्थ में उसका वस्तु के रूप में क्या स्पष्टता हैं, ऐसा उसका आशय है अब आप उसको specific करने की बजाय generalize कर देते हैं। (तो generalize ना हो?) generalize हो लेकिन उसका कारण बताइये?
उत्तर : मान लेते है। अन्ततोगत्वा आदमी समझदर होना ही पडेगा ना। आप ये मानो जो, ज्ञानी ही ना होना है, सभी ज्ञानी ही तो होना है? ज्ञानी होने को generalize किया जाए। क्या बुरा है इसमे? हर आदमी पूर्णिमा के दिन ज्ञानी होता रहे, आप को क्या तकलीफ है, मुझको क्या तकलीफ है! आप बताओ अभी अपन पागल होना नहीं चाहते हैं, बात सही है ना? ज्ञानी होना चाहते हैं, बात ठीक है ना? अब ज्ञानी होने के लिए कार्यक्रम को generalize किया जाए।