विधि से जितने भी gases का भार है, आपको वैसा मिल रहा है। पानी का तो भार मिलता ही है, वो पत्थर, कंकड़ का भार मिलता ही है।
प्रश्न : गैस वाली जो बात है, उसका भार के संदर्भ में पुनः विचार करना पड़ेगा, क्योंकि अब तक जो गैस के भार का concept है, वो इसके साथ ठीक नहीं बैठेगा। Hydrogen के balloon को हम measure करने जाएंगे तो negative weight देगा। हम यदि उसको इस तरह से परिभाषित करते है कि जिस स्थिति में उसका होना बनता हैं, उसके होने में रोकने में जितना हमको बल लगाना पड़ता है वो भार है, तो positive में आएगा, negative भार तो हो नहीं सकता।
उत्तर : किसी भी सहअस्तित्व को अवरोध करने के लिए जो बल लगता है, वो अपने को count करने में आ जाएगी। जैसा अभी जो है, cylinder में LPG आती है। उसमें 15 kilo लिखे रहता है, 10 kilo लिखा रहता है, 20 kilo लिखा रहता है, कुछ भी kilo लिखा रहता है। वो खाली cylinder में भरने के बाद तोलने पर जो मिलता है, उसको वो लिखे रहते हैं।
प्रश्न : उसको अगर हम अणु बंधन के आधार पर परिभाषित करें, तो विरल के साथ होने में जो प्रवृत्ति है, उसको रोकने में हम जितना बल लगाएंगे, उसको भार कहते है, तो फिर गैस के भार को भी ठीक से परिभाषित कर पायेंगे।
उत्तर : वो ठीक है ना, क्या आपत्ति हुआ? बढ़िया हो गया, और परिष्कृत हो गया।