उत्तर : देखो, ये जैसा कहते हैं। एक तरफ ये लाल इसके ऊपर उढ़ाये हैं, इसके ऊपर पीला उढ़ाये हैं, दोनों को एकत्रित करने से तीसरा कुछ दिखता है। इसके ऊपर लाल हटा दो, पीला हटा दो ये दोनों सफेद ही हैं।

प्रश्न : अभी जो चर्चा किए उसमें ये निष्कर्ष निकला कि रंग प्रकाश में नहीं, वस्तु में होता है। वस्तु में किस स्तर पर रंग को हम समझ सकते हैं? परमाणु अंशों के स्तर पर, परमाणु के स्तर पर, अणु के स्तर पर या अणु से रचित पिण्डों के स्तर पर? हमको जो दिखाई देता है आँखों से वो अणु रचित पिण्ड़ ही है। अणु भी आँखों से नहीं दिखता, परमाणु और परमाणु अंशों की बात ही दूर है। रंग तो अणु रचित पिण्ड में दिखता है, उसका जो आधार है, वो परमाणु अंशों में रहता है या उस के बाद?

उत्तर : जैसा आपने अभी बताया कि सोने में पीला होता है, चाँदी सफेद दिखता है। ये मूलतः कहाँ से शुरूआत हुई? परमाणु में निहित अंशों के आधार पर शुरू हुआ। परमाणु को देखने पर ना लाल दिखेगा, ना पीला दिखेगा, कुछ भी नहीं दिखेगा। परमाणु से रचित अणु को देखोगे, इस आँखों से उसमें भी रंग नहीं दिखेगा। उसको बहुत बड़ी भारी सूक्ष्मदर्शी काँच से देखने पर संभव है अणु में दिखता होगा। क्योंकि अणु स्थिर होता है, अणु परमाणु के रूप में गतित स्थिति से भिन्न स्वरूप में दिखता है। संभव है बहुत ही powerful glass में दिख जाए, किन्तु जो सामान्य अपने आँखों में दिखने के लिए, अणु रचित पिण्ड में ही हमको पीला दिखता है, लाल दिखता है, सारे रंग दिखता है।

प्रश्न : अनुभव में देखा तो अंशों में और परमाणु में वो रंग भी दिखता है क्या?

उत्तर : परमाणु में रंग रहता ही है, वो दिखता नहीं हैं।

प्रश्न : आपने तो परमाणु देखा है।

उत्तर : परमाणु में ही रंग का स्वरूप बना ही रहती है, वो दिखने की बात पर अपन बात कर रहे हैं। रहता ही है, परमाणु में रंग नहीं रहेगा तो अणु में काहे को आएगा, अणु में नहीं होगा तो अणु रचित रचना में कैसे आएगा?

प्रश्न : आप बोले आँख से नहीं दिखता सूक्ष्मदर्शी से देखना मुश्किल है, जब अनुभव आपको.. ?

उत्तर : अनुभव की ही बात कह रहा हूँ। परमाणु में रंग रहता ही है। वो रंग को आँखों से देखने के बीच में कितना क्रिया चाहिए, उसके बारे में अभी बात कर रहे हैं। परमाणु से अणु होता है, ये अपने को पता है, अणु से अणु रचित पिण्ड़ होता है, ये भी अपने को पता रहता है। बहुत सूक्ष्मदर्शी काँच से देखने पर अणु में पीलापन दिखेगा, सोने का अणु को देखने से। उसके बाद हमारा आँखों से देखने का अणु रचित पिण्डों में दिखता ही है। वैसे ही चाँदी का, सोने का, और धातुओं का सबका रंग दिखता ही है। वैसे ही लोहे का अणु भी ऐसे ही है। तो ये सभी चीज़ अपने-अपने रंग के रूप में एक स्थिति हुआ, ये परमाणु अंशों के आधार पर रंग जो बनता है।

प्रश्न : जीवन परमाणु किस रंग का होता है?

उत्तर : कुछ भी नहीं होता है।

Page 61 of 94
57 58 59 60 61 62 63 64 65