उत्तर : इसमें बहुत साधारण बात है, सामान्य बुद्धि से इसका उत्तर निकलती है। पहले से भविष्यवाणी है, इस व्यक्ति नाश करेगा। उसको रोकने की बात आता है। रोकने के लिए जितने प्रकार की प्रवृत्ति होना चाहिए, उसमे कहीं ना कहीं किरकिरा है। वो नहीं रूका, क्योंकि घटना उसका गवाही है, तो घटना घटित हो गई। घटना घटित होने के लिए पहले से जिस व्यक्ति को भविष्य की सुगंध मिल गई या दुर्गंध मिल गई, उन्होंने बता दिया, वो घटित भी हो गई। और इसका मतलब ये नहीं हुआ, सभी भविष्यवाणियाँ फलित होना ही है। ये भी अपन को साथ-साथ में चलना चाहिए। सर्वाधिक जो है, मानव का आज भी, पहले भी शुभ घटना के पक्षधर हैं। ये आप मानिए, मेरी नज़रों में, आदिकाल से भी, शुभ घटना के ही पक्षधर है आदमी जात। तो इसके आधार पर क्या होता है, जितने भी दुर्घटनाएँ predict होते हैं, वो कम हो सकते हैं, अपने आप में। कोई-कोई दुर्घटनाएँ घटित भी होते हैं।
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इस संकलन के बारे
1
1. इकाई में भार
3
2. भार एवं बल - 1
5
3. भार एवं बल - 2
9
4. परमाणु में बल
12
5. वास्तुशास्त्र, ऊर्जा, चुम्बकीय बल
26
6. आकर्षण, प्रत्याकर्षण और गति
31
7. प्रकाश एवं ताप
39
8. रश्मि और ताप
41
9. किरण, विकिरण, तरंग, प्रतिबिम्ब
46
10. पदार्थ का ऊर्जा में रूपांतरण प्रतिबिम्ब
49
11. ज्योतिष शास्त्र एवं किरणें
59
12. ध्वनि और रंग
63
13. ज्वार भाटा और विद्युत
68
14. ज्वारभाटा और पूर्णिमा का प्रभाव
73
15. पूर्णिमा - अमावस्या का प्रभाव
77
16. मध्यस्थ दर्शन एवं चिकित्सा विज्ञान
80
17. Darwin का विकासवाद
82
18. देसी गाय और संकर गाय
84
19. गाय का दूध और यांत्रिक शक्ति
86
20. गोमूत्र औषधि
87
21. Cloning एवं संतान उत्पत्ति
89
22. टिकाऊ खेती