उत्तर : इसमें बहुत साधारण बात है, सामान्य बुद्धि से इसका उत्तर निकलती है। पहले से भविष्यवाणी है, इस व्यक्ति नाश करेगा। उसको रोकने की बात आता है। रोकने के लिए जितने प्रकार की प्रवृत्ति होना चाहिए, उसमे कहीं ना कहीं किरकिरा है। वो नहीं रूका, क्योंकि घटना उसका गवाही है, तो घटना घटित हो गई। घटना घटित होने के लिए पहले से जिस व्यक्ति को भविष्य की सुगंध मिल गई या दुर्गंध मिल गई, उन्होंने बता दिया, वो घटित भी हो गई। और इसका मतलब ये नहीं हुआ, सभी भविष्यवाणियाँ फलित होना ही है। ये भी अपन को साथ-साथ में चलना चाहिए। सर्वाधिक जो है, मानव का आज भी, पहले भी शुभ घटना के पक्षधर हैं। ये आप मानिए, मेरी नज़रों में, आदिकाल से भी, शुभ घटना के ही पक्षधर है आदमी जात। तो इसके आधार पर क्या होता है, जितने भी दुर्घटनाएँ predict होते हैं, वो कम हो सकते हैं, अपने आप में। कोई-कोई दुर्घटनाएँ घटित भी होते हैं।

Page 58 of 94
54 55 56 57 58 59 60 61 62