उत्तर : ऐसा सोचते हैं, जैसा मणि पहनते हैं, वो पहनते हैं वो भी एक प्रयोग है, उसमे क्या है? अभी-अभी चुंबकीय चिकित्सा की एक बहुत बड़ी भारी हो हल्ला हुआ आप सुने ही होंगे। नहीं सुने हो? सुने हो, ये सब तो संसार मे चलता है। अब तो reiki से ही सब ठीक होने वाला है। हम पहले से, पहले से हम ध्यान से बहुत सा लोगों को ठीक कर दिया। वो भी ऊपर चले गए। तो ये सब बातें हम करते ही आए हैं। कोई कर्म बचाए नहीं हैं हम, मेरे अनुसार। आप जितना कल्पना करोगे सकल कर्म करके बैठे हैं। ठीक है। उसके बाद की हमारा वक्तव्य ये है, आदमी समझदारी से सुखी होता है, बेवकूफी से दुखी होता है। बढ़िया है ना भाषा? बस इतनी ही बात है।
Table of contents
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इस संकलन के बारे
1
1. इकाई में भार
3
2. भार एवं बल - 1
5
3. भार एवं बल - 2
9
4. परमाणु में बल
12
5. वास्तुशास्त्र, ऊर्जा, चुम्बकीय बल
26
6. आकर्षण, प्रत्याकर्षण और गति
31
7. प्रकाश एवं ताप
39
8. रश्मि और ताप
41
9. किरण, विकिरण, तरंग, प्रतिबिम्ब
46
10. पदार्थ का ऊर्जा में रूपांतरण प्रतिबिम्ब
49
11. ज्योतिष शास्त्र एवं किरणें
59
12. ध्वनि और रंग
63
13. ज्वार भाटा और विद्युत
68
14. ज्वारभाटा और पूर्णिमा का प्रभाव
73
15. पूर्णिमा - अमावस्या का प्रभाव
77
16. मध्यस्थ दर्शन एवं चिकित्सा विज्ञान
80
17. Darwin का विकासवाद
82
18. देसी गाय और संकर गाय
84
19. गाय का दूध और यांत्रिक शक्ति
86
20. गोमूत्र औषधि
87
21. Cloning एवं संतान उत्पत्ति
89
22. टिकाऊ खेती