ले गये ऊपर, और नीचे क्या किया है, वो वैसे ही ऊपर जैसा गहरे ले गया, नीचे ऐसे उभार के लाया, बीच में वो नदीं को बनने का स्थान है। वो जो बैल का प्रतिमा है, वो नीचे धरती को छूआ नहीं है। पूरा वो बैल का प्रतिमा थी।
अब सब लोगों ने भिड़े साहब ये काहे को ऊपर टंगा है, अधर में कैसा टंगा है। और सब को तोड़े-ताड़े कुछ भी नहीं मिला। अंततोगत्वा हमने एक इसमें पढ़ा प्राचीन कालीन वास्तु में, चुम्बकीय द्रव्य नाम दिया है। चुम्बकीय द्रव्य को यदि गोपुर में, वो उतना लगाया जाए, इसमें जो प्रतिमा बनाते हैं, उसमे वो चुम्बकीयता से प्रभावित होने वाले द्रव्य से उसको अभिभूत कराया जाए। अभिभूत करने के बाद, कैसा अभिभूत कराएगें वो tech तो उसमें वर्णित नहीं था, वो दूसरे कोई संहिता में रही, तो उसमें अभिभूत कराने की बात कहा। वो क्या करता है, उसको जो चुम्बक जो है ना स्वभाविक है कोई चीज़ को खींचंता ही है, उसी विधि में उसको fix कर दिये थे। नीचे भी चुम्बकीय द्रव्य है, ऊपर भी है, ये इसको कहीं ऊपर भागने भी नहीं देता है, नीचे बैठने भी नहीं देता, उस जगह में fix है। नीचे से हम कपड़ा डाल के पैर के नीचे से निकाल दिया है, हम स्वयं। और उसके कुछ दिन बाद Germany के experts आये, और इसकी तो हो हल्ला होता ही रहा। उसके बाद वो उन लोग नीचे में कुछ तोड़ने लगे ऊपर से कुछ तोड़ने लगे वो बैठ गया एक दिन, अभी बैठा हुआ है। ये इस ढंग के काम करते रहे। इसको क्या किया जाए आप बताओ? तो इसमें इस प्रकार की कई चीजें चमत्कारिक बात लिखी भी है, वो होता भी है।
प्रश्न : बाबाजी पर वो आप जो बता रहे थे ना कि छत मे चुंबकीय वस्तु का जो प्रयोग करते हैं, द्रव्य का प्रयोग करने का विधि रहे। वो किस लिए करते हैं?
उत्तर : मैं समझता हूँ, ये जो कहीं रहते हैं ना वो mummies, pyramid, pyramid में वही चमत्कार है। तो यदि हम कोई ऐसा situation पैदा किया जाए और चुम्बकीय धारा प्रवाहित वातावरण बनाया जाए, उसमें कोई भी द्रव्य को रखेंगे, बहुत जल्दी वो सड़ेगा नहीं। चुम्बकीय प्रभाव क्षेत्र में एक वातावरण बनाए रखा जाए कोई भी structure में, उसके अंदर जो द्रव्य रखेंगे, उसमें परिणाम बहुत दीर्घ परिणाम होगा, दीर्घ काल में परिणति होगी। जैसा सब्जी रखा, सब्जी तो 24 घंटा में सूख जाना चाहिए। वहाँ 48 घंटा, 4 दिन वैसे के वैसे पड़ा रहेगा।
प्रश्न : महाराज जी, जब की वास्तुशास्त्र में ऐसा है कि चुंबकीय वस्तु का प्रयोग ना करें।
उत्तर : अब यहां पहुँचे, अब क्या करेंगे? अब क्या किया जाए? देख लीजिए कहाँ पहुँचा।
प्रश्न : reasoning क्या देते हैं?
उत्तर : इसमें गाज गिरेगा ये हो जाएगा, वो हो जाएगा ऐसा ही है।
प्रश्न : मतलब जो field develop होता है महाराजजी वो उससे disturb हो जाता है, जैसे iron वगैरह जो अपन लगाते हैं, उसका body पर bad effect होता है।
उत्तर : हाँ वही, देखा ना, वो भी उसके साथ वो भी है गाज गिरने पर disturb हो सकता है। ये भी हो सकता है।