ये लिखता है। कौन लिखता है? ग्राम के विनिमय कोष। उनका identity रहता है उस परिवार का। उस identity के आधार पर उनके पास जो श्रम रहता है, उसको कहीं भी आप विनिमय कर लो, जिनको देना है, वो लिखेगा, हम इसमें से 4 पाया, तुरंत उनके यहाँ से उतना श्रम मूल्य की वस्तु उनमें transfer हो जाएगा। श्रम विनिमय विधि ये है। किसी भी यात्रा में, किसी भी shop में, किसी भी बाजार में, आप अपने श्रम को उपयोग कर सकते हैं। इससे ज्यादा guaranty card कुछ हो सकता है? मुद्रा जो बात होता है, मुद्रा को आप छपा सकते हो, छापाखाना रखा हुआ है। अभी परेशानी क्या हुआ है, Reserve bank जितना छापा हुआ है, उससे न जाने कितना गुणा, जो कागज दौड़ रहे हैं, उसको कोई कल्पना नहीं कर सकता है। आपका देश का मुद्रा दूसरे देश में छपता है, दूसरे देश का छापा यहाँ होता हैं। इस ढंग से सभी पूरा हो गए हैं। सब का हालत bend हो गयी है।
प्रश्न : श्रम मूल्य वाला जो card है उसको भी छाप लेंगे बाबा?
उत्तर : नहीं होता है, वो एक गाँव से होता है। श्रम मूल्य का जो card है समझदार हुए बिना व्यवस्था में जिएगें नहीं, वो भी एक guaranty card है। ये जो कहते हैं, उसके बावजूद भी यदि कूद-फाँद करना चाहते हैं तो होता नहीं उसकी व्यवस्था check balance program है उसको हम समझा देंगे।
जब भी हम दूर संचार में समृद्ध होते हैं, मान लो, हर गाँव दूर संचार से सम्बद्ध रहता है, कोई भी आदमी अपना card से कितने चीज़ को दे करके आएगा, वो तुरंत गाँव में पहुँचते ही अपने दूर संचार विधि से वो व्यवस्था हो जाएगी, और किसको देना है, ये भी record हो जाएगी। वो उतने चीज़ आपके विनिमय कोष से उनके लिए reserve है, वो जहाँ कहते हैं वहाँ वो पहुँचा दिया जाएगा। हर विनिमाय कोष के साथ transportation जुड़ा रहेगा। अच्छी तरह से सुनो - विनिमय कोष के साथ transportation program रहेगा। कोई दुराचार होगा नहीं। श्रम विनिमय की एक प्रमाणित पत्रक विधि हर गाँव में स्थापित रहेगी वो। वो आप छपवा करके लाओ दूसरे जगह में से, उसी गाँव में ही जाना पड़ेगा। कहीं से आप छपवा के लाओगे, तो गाँव में जाना पड़ेगा, तब आपका पहचान हो जाएगी।