36. स्थिति, गति और बल
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प्रश्न : भौतिक शास्त्र का एक प्रश्न है, Newton का नियम है, उसमें कहा गया है कि यदि कोई वस्तु स्थिर है, तो वो स्थिर ही रहेगी। और यदि कोई वस्तु गतिशील है तो गतिशील ही रहेगी। उसमें परिवर्तन के लिए कोई बाहरी बल लगाना पड़ेगा। तो इसमे आपका क्या कहना है?
उत्तर : ये बढ़िया है जो कहा है। स्थिरता जो है, एक गतिशील वस्तु में ही स्थिरता को देखना बनता है। गतिशील वस्तु में कोई चीज़, वस्तु रखा है, जैसा धरती है, गतिशील है। उसमें एक camera रखा है, ये स्थिर है। इसको बदलना होगा तो ये आदमी हाथ लगायेगा, तभी बदलेगा, इस आधार पर वो कहा है। बस इतना ही है इसमें। इसमें कौन सा तकलीफ़ है?
प्रश्न : अलग से यदि हम बोलते हैं कोई वस्तु स्थिर है, तो स्थिर ही रहेगी, अस्तित्व में ऐसी स्थिर वस्तु नहीं मिलती।
उत्तर : अस्तित्व में स्थिर वस्तु नाम की कोई चीज़ नहीं है। हर वस्तु गतिशील, स्थितिशील है। स्थिति गति अविभाज्य है। जिस वस्तु का स्थिति है, उसका गति होती ही है, ऐसा बना हुआ है। जितने ग्रह गोल हैं ये सभी का सभी इसी सिद्धांत से हैं। और उसी ग्रह गोल के कोई वस्तु को, हम इसी ग्रह गोल के सब टुकड़े तो हैं। इसको हम कहते हैं वस्तु रखा हुआ है। वस्तु इसी ग्रह गोल की तो है ही है। ठीक है? इसी ग्रह गोल का कोई छोटे से टुकडे़ को उधर से इधर करना होगा तो कोई बल लगता है। ये ठीक है। हरिहर!