41. विचारों का स्थान और प्रभाव
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प्रश्न : किसी स्थान में अच्छे vibration हैं, इसी अर्थ में जैसे मान लिया, ये एक आश्रम है, यहाँ से सभी लोग सुकून, शांती पा के जाते हैं। वो जहाँ भी रहते हैं, वहाँ इस आश्रम के बारे में सोचते हैं, तो यहाँ रहने वाले व्यक्ति को अच्छा लगता है। किसी स्थान का vibration अच्छा होने का क्या मतलब है?
उत्तर : मतलब यही है, पहले से हमारा परिकल्पना है, ये अच्छा जगह है, एक ये है, इससे भी हमारा ही vibration पहले से प्रस्तुत है। और दूसरा ये विधि है, यहाँ अच्छे लोगों का विचार करना, सोचना, करना, जीना बना ही रहता है, इसीलिए अच्छा लगता है। इसमे कौन सा अलग बात है भाई।
प्रश्न : अच्छे विचारों का, अच्छी इच्छाओं का, अच्छे चिंतन का कोई प्रभाव, वातावरण में रहता है क्या? जिसको कोई भी व्यक्ति महसूस करता है?
उत्तर : गतिशील रहता है, ये तो आप मानोगे, अच्छे विचार भी गतिशील है, बुरे विचार भी गतिशील है। इसको समझो, हमारे में ये filter करने की यंत्र रखी हुई है, जीवन में, अच्छे को ग्रहण करते हैं, बुरे को ग्रहण नहीं करते हैं। जैसा चावल को हम पकाना है, पत्थर को अलग करते हैं, चावल को पकाते हैं।
प्रश्न : एक नया व्यक्ति यहाँ पर आँवरी आश्रम में आया, उसको इस आश्रम के बारे में कुछ भी नहीं पता और इस आश्रम के बारे में एक - दो करोड़ लोग बहुत अच्छी भावना रखते हैं, कि ये बहुत अच्छी जगह है, और एक नया व्यक्ति इस आश्रम में पहुँच जाता है तो उसको बहुत अच्छा लगने लग जाता है। तो क्या एक - दो करोड़ लोग इसके बारे में अच्छी भावना रखते हैं वो भी प्रभावित रहता है की नहीं?ये आपका कहना है।
उत्तर : जो कुछ भी हम सोचते हैं, वो प्रवाहित होता ही है। अच्छा सोचो, बुरा सोचो। एक तो बात हो गई। यहाँ अच्छे लोगों का सोच, इसके साथ यदि जुड़ी रहती है, प्रभावित रहता ही है।एक तो बात ये है। वो आया हुआ व्यक्ति सर्वप्रथम अच्छाई को ही खोजता है, बुराई को खोजता नहीं। आदमी का ये वर्चस्व है। कहीं भी आप किसी के पास जाओगे, यदि पूर्व परिचित नहीं है, उनके अच्छाई को ही आप खोजते हो, स्वीकारते हो,ये समझ मै आता है। इसका एक मोटी सी एक उदाहरण - कहीं भी हम रास्ता में जाते रहते हैं, रास्ता भटके रहते हैं, तो आसपास में किसी आदमी, जिसके प्रति हमारा कोई जान पहचान नहीं है, उनसे पूछते हैं, भैया, इस गाँव के लिए रास्ता कहाँ है, वो ये डगर है, ऐसा कह देता है, उसमें हम चल देते हैं। हम न पहले हम उनको देखे नहीं रहते हैं, न सुने नहीं रहते हैं, पूर्ण विश्वास से उसमें जाते हैं वो (गाँव) मिलते ही हैं।
प्रश्न : अच्छे विचार, बुरे विचार तरंग के रूप में जो गतिशील रहते हैं, अच्छे और बुरे जो विचार है, क्या उनके तरंगों के कंपन में अंतर होता है?