अब सर्व मानव उपयोगी विधि को अपनाओ बोले। बढ़िया एक छोटा गाड़ी दे करके बोचका दिया। आदमी गाड़ी घूमना शुरू कर दिया।
Ford नाम का एक आदमी हुआ है, वो ही पहले बार आदमी को गाड़ी बना करके दे दिया। आप इतिहास को देखिए। उसके बाद बाकी लोग सब आते हैं। Ford foundation आज भी बैठा हुआ है। वो ही आदमी है, जो छोटा सा गाड़ी, उसमें विश्वास दिलाया राजा को, राजतंत्र को। भाई इसमें क्या होने वाला है? देखिये दो आदमी बैठने वाला गाड़ी है, वो बोचका दिया। बोचका दिया दो आदमी बैठ के घूमने लग गया। उसके पहले एक भी नहीं घूमता रहा। ठीक है, वो बोचक गये।
उसके बाद दूरसंचार में ये जैसा wireless आया। उसको अभी भी हम control करके रखे हैं - नहीं भाई सबको नहीं देना। क्या चीज़ है सब को ना देना? काय को ना देना भाई? उनका जो सामरिक प्रक्रिया है, संघर्ष करने की, उसमें वो सहायक है ऐसा मान कर आज भी रखे हैं। और wireless को पकड़ के रखा, internet बोचका दिया। क्या बोचका दिया, क्या बोचक गई? बोचक कर के internet आ गाया। चलो तुम रखे रहो तुम्हारा wireless को कहा, wireless से यहाँ से दस kilometer जाने की पहले internet में crore mile चले गया। ऐसा कार्यक्रम चल रही है। दूरसंचार जो है ना बोचक करके आदमी के हाथ में पड़ गयी। उस क्रम मे जो है अंतोगत्वा ये स्वीकार लिया, राज्य भी स्वीकारा, जनता भी स्वीकारा, उसको बनाये रखने के लिए तैयारी किया। ये train भी कहाँ से शुरु हुआ? उसी के लिए, military के लिए।
उसके बाद जंगल को डुहारने के लिए शुरू हुआ। पहले military, उसके बाद जंगल, उसके बाद बोचक गए, आदमी घूमने लगे। अभी ये दोनों रह गए, आदमी घूमना ज्यादा हो गया।
प्रश्न : बाबाजी जिस व्यक्ति ने steam engine का आविष्कार किया वो ये सोच के तो नहीं किया है कि इससे बाद में युद्ध करें।
उत्तर : television की युग दूसरा हो गया। television की युग जब शुरू हुई है, सन 45 में, है ना, तो वो युग आते तक में, वो दूसरे स्थिति हो गया। (steam engine की बात किया मैं) steam engine, हाँ, जहाँ तक तकनीकी है, उसके लिए नहीं बनी थी। माने वो युद्ध को ले करके नहीं बना। वो आम आदमी steam engine को पहचाना। उसको फिर बाद में control में ला लिया। ला करके वो युद्ध में प्रयोग किया। उसके बाद बोचक के आदमी के पास आ गया।
प्रश्न : बाबाजी इसमें दो पक्ष हो गया। एक तो किसी चीज़ का आविष्कार कर लेना, किसी यंत्र का, दूसरा उसका लोकव्यापीकरण करना या नहीं करना, तो इसमें जो आविष्कार वाला मुद्दा है।
उत्तर : वो हठात्[1] है। घटना विधि से आविष्कार हुई हैं। (उस समय तो किसी की बुद्धि नहीं थी, कि उसमे व्यापार करना है) ये तो बात सही है। कुछ नहीं था - ना व्यापार था, ना military थी। ये तो बात सच्ची है। चीज़ जो है ना
हठात् - एकाएक ↑