परिवेश ऐसा हम कह देते हैं। इसमें हम समझता हूँ, ये नाम रखना कितना ज़रूरी है, ज़रूरी नहीं है, आप लोग consider करेंगें उसको।
प्रश्न : विज्ञान में नाम के अलावा, अंशों की प्रकृति भी अलग-अलग होती है, ऐसा बताया गया है, जैसे electron, proton, neutron। एक positive charge रहता है, एक negative charge रहता है अंश और एक neutral charge।
उत्तर : neutral charge तो मध्य में ही होता है। तो जो कुछ भी तुम positive, negative कहते हो, उसका meaning क्या कहते हो? परमाणु में positive, negative का कहने का मतलब हमारा ये है - मध्यांश के पास दौड़ना, मध्यांश से दूर होना, ये दो action में हम positive, negative बताते हैं। आपका आशय दूसरा होगा, उसको स्पष्ट करो।
प्रश्न : केन्द्र में जो रहते हैं, उसमें 2 तरह के अंश रहते हैं - एक positive charge रहता है ओर एक neutral charge रहता है और जो परिवेशीय अंश में रहते हैं, उसमें केवल negative charge के अंश रहते हैं - ऐसा विज्ञान बोलता है। और उनमें भार नहीं होता।
उत्तर : परिवेशीय अंशों में भार नहीं होता, वो ठीक है। वो भाग ठीक है। जो भार जो है, मध्य में जो अंश रहते हैं, उसी का भार मिलता है। जो कुछ भी परमाणु में भार है, पिंड में भार है, वो भार मध्य में जो रहता है, उन्हीं अंशों का भार है।
लेन-देन के समय में negative positive होता होगा, बाकि समय में neutral रहता ही होगा।
हमारे अनुसार मध्यांश के पास दौड़ने पर कोई नाम दिया जा सकता है, मध्यांश से दूर भागने पर उसको एक नाम दिया जा सकता है। कुछ भी आप नाम रख लिए, हम सम, विषम का जो नाम दिया है, वो इसी आधार पर दिया है। परमाणु के मध्यांश में, मध्यांश के पास में यदि आश्रित अंश, माने की orbitary motion जितना भी रहता है, वो यदि पास में आने लगते है, मध्यांश उनको अच्छी दूरी में प्रतिष्ठित करता है। वही चीज़ दूर भागने लगते हैं, तो भी अच्छी दूरी में बुला कर बैठा लेता है। इस ढंग से परमाणु अपने में निश्चित कार्यक्रम करता ही रहता है।