उत्तर :उसमें ऐसा सोचना चाहिए, एक receiver नाम की चीज़ होगी, माने ग्राही। ग्रहण करने वाला एक क्रिया होगी, विसर्जन करने वाला एक क्रिया होगी। विसर्जन में तरंग पैदा होता है, और ग्रहण में तरंग ग्रहण होता है। इस विधि से अस्तित्व में जो है, जो अभी धरती की वातावरण में ज्यादा से ज्यादा बुरे विचार भ्रमण करता रहता है, कम से कम अच्छे विचार भ्रमण करता है, इसीलिए धरती की बहुत सारा जगह खराब लगता है, बहुत कम जगह अच्छा लगता है। उसके लिए क्या सहायक वस्तु है पूछो। वहाँ स्वयं में निवास करने वाले एक सहायक होता है, आसपास की परिस्थितियाँ दूसरा सहायक होता है। और वहाँ जो सबसे ज्यादा वहाँ रहने वाले उसका वर्चस्त को बनाए रखते हैं। सबसे अच्छे से अच्छे जगह में भद्दे आदमी को देखकरके आदमी उतना ही डरता है, जितना खराब जगह में रह करके डरता है। तो डरावनी जो बात है (भय) तो मनुष्य की अस्वीकृति का द्योतक है। हम को अस्वीकार है, इसीलिए हम डरते है। तो अस्वीकार वाला जो bundle है अभी मानव के पास ज्यादा है, स्वीकार वाला कम, इसी आधार पर आप हम ज्यादा भाषा का प्रयोग करते हैं, वस्तु को ग्रहण करने की जगह में।जय हो मंगल हो कल्याण हो।
प्रश्न : विचारों के आधार पर जो व्याख्या किया आपने क्या यही telepathy हैं?
उत्तर : हाँ, उसी के आधार पर व्याख्याइत होती है, जो आप में ग्राहिता की प्यास और विसर्जन की तकनीकी, दोनों एकत्रित हो जाती है, ग्राहिता की प्यास भी बना रहता है, विसर्जन की ताकत भी रहता है, और इन तरंगों को पैदा करने में आप समर्थ हो जाते हैं। हम दिल्ली में बैठा रहता हूँ हमारे में भी ऐसा ही component fit रहता है इसलिए हम आपकी बात सुन भी लेता हूँ, हमारी बात आपको सुना भी देता हूँ। इसी को telepathy कहते हैं।
प्रश्न : एक प्रचारित विचार है वो कितने लम्बे काल तक बना रहता है, अगर ऐसी कोई स्थिति बनती हो तो?
उत्तर : ऐसा कुछ नहीं।एक क्या होता है बाबा, एक तो बात आप समझों हर आवेश सामान्य होना चाहता है, ये बात आपको समझ मै आता है।तो हम पैदा किया, जिस तरीके से वो जा करके सूक्ष्म, सूक्ष्मतम तरंग के रूप में काम करता है, उसके बाद सामान्य हो जाता है।
प्रश्न : जैसा कहा जाता है, महाभारत काल की आवाज अभी भी है।
उत्तर : वो सब कथा सुनते रहो।
प्रश्न : जैसे आवरी आश्रम के बारे में मेरी भावनाएं बहुत अच्छी हैं, मैं इसको बहुत अच्छा समझता हूँ, और मैं आवरी में रहता हूँ तो भी मेरा अच्छा वाला प्रभाव यहाँ रहेगा, यदि मैं यहाँ से एक हजार किलो मीटर दूर रहता हूँ तो तो भी वो प्रभाव रहेगा। परंतु किसी वजह से यदि इसके बारे में मेरे विचार बदल जाते हैं अभी, तुरंत, तो तुरंत वो प्रभाव खत्म हो जाता है या कुछ समय बाद खत्म होता है?
उत्तर :प्रभावित नहीं कर पाता है, ये माना जाए, उस मुहूर्त से आपके ऊपर प्रभावित होने वाली जो receptivity थी वो बंद कर दिए हो इतना ही न किये हो।